गांवों में सीलिंग का खौफ, हाउस टैक्स के नोटिसों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 26, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

गांवों में सीलिंग का खौफ, हाउस टैक्स के नोटिसों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश

-गांवों में सीलिंग व हाउस टैक्स के विरोध में पीरागढ़ी में दिल्ली पंचायत संघ की बैठक

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- शहरीकृत कालोनियों की तर्ज पर अब गांवों में भी एमसीडी सीलिंग करने व हाउस टैक्स वसूलने का काम कर रही है। जिसको लेकर ग्रामीणों में सरकार के खिलाफ खासा आक्रोश बना हुआ है। इसी बीच ग्रामीणों की परेशानी व समस्याओं को लेकर दिल्ली पंचायत संघ ने पीरागढ़ी गांव में पंचायत कर साफ किया की सरकार गांवों में सीलिंग व हाउस टैक्स के बारें में गंभीरता से सोचें। इसके साथ ही पंचायत संध ने मास्टर प्लान 2041, यमुना नदी व साहिबी नदी को लेकर भी पंचायत में चर्चा की और एमसीडी के खिलाफ आंदोलन करने, मास्टर प्लान में गांवों की उपेक्षा करने, यमुना और साहिबी नदियों को बचाने के लिए मुहीम शुरू करने का प्रस्ताव पास किया।
                 इस मौके पर पंचायत संघ के प्रमुख थान सिंह यादव व सह प्रमुख सुनील शर्मा ने बताया कि एमसीडी की ओर से शहीकृत कॉलोनियों के लिए तय की दरों के अनुसार गांवों से जबरदस्ती हाउस टैक्स वसूसा जा रहा है। एमसीडी का यह कदम पूरी तरह ग्रामीणों के साथ अत्याचार है, क्योंकि गांव में जमीन की कीमत लाखों रुपये में है, जबकि शहरीकृत कॉलोनी में जमीन की कीमत करोड़ों रुपये में है। इसी तरह गांवों में किराया भी कम मिलता है जिससे ग्रामीणों के लिए गुजारा करना भी मुश्किल होता है। वही शहरीकृत कालोनियों में लाखों के हिसाब से किराया मिलता है।


                 पूर्व मेयर मास्टर आजाद सिंह ने कहा कि एमसीडी गांवों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करना बंद करें। वह गांवों के साथ अत्याचार कर रही है। गांवों ने दिल्ली को बसाने में अपना योगदान दिया है, वहीं शासन-प्रशासन गांवों की अनदेखी कर रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पालम 360 गांव खाप के अध्यक्ष सुरेंद्र सोलंकी ने कहा कि लगातार शासन प्रशासन से गांवों के विकास के लिए लड़ाई लड़ी जा रही है, मगर सुनवाई नहीं हो रही है। इस कारण अब गांव की आवाज सरकारों तक पहुंचाने के लिए महापंचायत बुलाई जाए। पूर्व विधायक मनोज शौकीन ने भी गांवों की सभी समस्याओं को लेकर पंचायत संघ के साथ लड़ाई लडने का आवाह्न किया। वहीं 360 गांव की सर्व खाप की तरफ से सुरेश शौकीन ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम अपने गांवों व दिल्ली की पहचान यमुना नदी व साहिबी नदी को बचाएं और तालाब, कुएं भी सुरक्षित रखें। पंचायत संघ व 360 गांव खाप ने लोक संसद के अध्यक्ष रविशंकर तिवारी का यमुना संसद के चार जून के कार्यक्रम को अपना पूरा समर्थन करने का ऐलान किया।
                   पूर्व परिवहन एवं विकास मंत्री देवेंद्र सिंह शौकीन ने पंचायत में पास हुए प्रस्ताव को अपना समर्थन दिया और गांवों व अनधिकृत कालोनियों की आवाज को उठाने का ऐेलान किया। वहीं थान सिंह यादव व सुरेश शौकीन ने कहा कि सभी पंचायतों व दिल्ली देहात के राजनेताओं व पूर्व अधिकारियों से संपर्क कर एक महापंचायत पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा की समाधि स्थल पर की जाएगी। इस दौरान सभी गांवों के लिए पंचायत संघ की 18 सूत्री मांगो को लेकर शासन प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का बिगूल बजाया जाएगा।पंचायत की अध्यक्षता पूर्व चेयरमैन दिलपत शर्मा की। पंचायत में पार्षद मोनिका गोयल, पूर्व पार्षद विनय रावत, पृथ्वी सिंह राठौर के अलावा पारस त्यागी, रोहतास शौकीन के अलावा गांव बुढेला, मंगोल पुर कलां, मंगोलपुर खुर्द, ज्वाला हेडी, मादीपुर, ख्याला, नांगलोई सईदान, नांगलोई जाट, निलोठी, मुंडका, पालम आदि के गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox