खाड़ी देशों से जुड़े पीएफआई के तार, एनआई ने किया खुलासा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 25, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

खाड़ी देशों से जुड़े पीएफआई के तार, एनआई ने किया खुलासा

-रेस्तरांओं व अखबार के माध्यम से हवाला के जरिए भारत में होती थी फंडिंग

नई दिल्ली/- प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के ठिकानों पर छापेमारी के बाद एनआईए ने इसके अध्यक्ष समेत कई पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया है। अब यह भी खुलासा हुआ है कि पीएफआई को खाड़ी देशों से हवाला के जरिए फंड भेजा जाता है। पीएफआई ने दावा किया था कि उसने भारत से ही चंदा इकट्ठा करके 120 करोड़ रुपये जमा किए हैं। हालांकि असल मामला कुछ और ही है। वहीं पीएफआई एक खाड़ी देशों मे एक अखबार भी निकालता है। इसके जरिए वह ना केवल भारत विरोधी एजेंडा चलाता है बल्कि पैसा जुटाने और कालेधन को सफेद करने का भी काम करता है।
              खाड़ी देशों में ’गल्फ तेजस डेली’ नाम का अखबार ना केवल एजेंडा चलाता है बल्कि भारत में फर्जी डोनेशन रिसिप्ट दिखाकर धोखा भी देता है। ईडी का कहना है कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है कि उनमें से ज्यादातर लोग दरबार रेस्तरां से हवाला के जरिए फंड लेते थे। इस रेस्तरां से हवाला के जरिए फंड भेजने के आरोप में भी पीएफआई के अब्दुल रजाक बीपी को गिरफ्तार किया गया था। उसका भाई ही अबूधाबी में दरबार रेस्तरां चलाता है।
              इसके असावा रजाक की एक और कंपनी है जिसका नाम तमार इंडिया स्पाइसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा भी फंड भारत भेजा जाता था। ईडी के मुताबिक शफीक पायेथ भी गल्फ तेजस डेली में काम कर चुका है। वह 2018 तक अखबार का बिजनस डिवलेपर था। वहीं केरल में भी यह अखबार निकाला जाता था जो कि 2018 में बंद हो गया। अब्दुल रज्जाक बीपी इसका एक डायरेक्टर था जिसे गुरुवार को केरल में गिरफ्तार किया गया था।
              पायेथ पीएफआई के संस्थापक सदस्यों में से एक है। उसे कतर से फंड इकट्ठा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। अब्दुल रज्जाक का अबू धाबी में व्यक्तिगत नेटवर्क काफी मजबूत था और उसने दरबार रेस्तरां को मनी लॉन्ड्रिंग सेंटर ही बना दिया था। वहीं खाड़ी देशों में हवाला कारोबार की जिम्मेदारी अशरफ एमके के पास थी जो कि पीएफआई केरल स्टेट एग्जिक्यूटिव का सदस्य था और एर्नाकुलम का अध्यक्ष भी था। अशरफ प्रोफेसर जोसेफ के हाथ काटने का भी आरोपी है। ईडी ने दावा किया है कि पीएफआई की अन्य शाखाओं के लिए भी अशरफ फंडिंग की व्यवस्था करता था।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox