क्या ट्रंप का ये फैसला अमेरिका को संकट में डाल देगा? दांव पर है करोड़ों डॉलर

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 4, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

क्या ट्रंप का ये फैसला अमेरिका को संकट में डाल देगा? दांव पर है करोड़ों डॉलर

मानसी शर्मा/- अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पद संभालते ही मेक्सिको, कनाडा और चीन पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। उनके इस कदम पर दुनियाभर के आर्थिक विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं। ट्रंप ने मेक्सिको और कनाडा पर 25%और चीन के सामान पर 10%टैरिफ लगाने की घोषणा की है। इसके साथ ही कनाडा से आने वाले फ्यूल पर 10%तक टैरिफ लगाने का भी फैसला लिया गया है। ट्रंप का कहना है कि इससे अवैध इमिग्रेशन, व्यापार घाटा और ड्रग्स की समस्या हल होगी। हालांकि, कई विशेषज्ञ इसे आर्थिक दृष्टि से खतरनाक मान रहे हैं।

बता दें कि,ट्रंप ने पहले कार्यकाल में अपनाई गई नीतियों के बाद एक बार फिर टैरिफ युद्ध की रणनीति अपनाई है। उन्होंने 1.4ट्रिलियन डॉलर के इम्पोर्टेड सामान पर टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है, जो उनके पिछले कार्यकाल से तीन गुना ज्यादा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से अमेरिकी महंगाई और बेरोजगारी में वृद्धि हो सकती है। यह नीति अमेरिका के लिए खतरे का संकेत-विशेषज्ञ पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स की सीनियर फेलो, मैरी लवली ने इस नीति को अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक बताया है। उनका कहना है कि इससे महंगाई और बेरोजगारी बढ़ सकती है। ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ में प्रकाशित एक लेख में इसे “इतिहास का सबसे मूर्खतापूर्ण ट्रेड वॉर” कहा गया है।

लेख में यह भी कहा गया है कि कनाडा और मेक्सिको पर टैरिफ लगाने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो सकता है। ट्रंप का टैरिफ नीति पर तर्क ट्रंप और उनके समर्थकों का मानना है कि टैरिफ नीति एक प्रभावी कदम है। इसके जरिए व्यापार घाटा, अवैध इमिग्रेशन और ड्रग्स की समस्याओं पर काबू पाया जा सकता है। उनका यह भी कहना है कि इससे अमेरिकी व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और सहयोगी देशों पर दबाव बनेगा। अमेरिकी नागरिकों पर असर ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान महंगाई बड़ी समस्या नहीं थी।

लेकिन अब किराने का सामान, वाहन और अन्य आवश्यक वस्तुएं पहले ही महंगी हो चुकी हैं। टैरिफ के कारण इन वस्तुओं के और महंगे होने की संभावना है। इससे अमेरिकी नागरिकों पर और अधिक आर्थिक दबाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह टैरिफ नीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल सकती है। महंगाई बढ़ने से शेयर बाजार में अस्थिरता और बेरोजगारी में वृद्धि हो सकती है। यह स्थिति चुनावों के दौरान पहले से ही एक बड़ा मुद्दा थी। इस नीति से स्थिति और खराब हो सकती है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox