कारगिल शहीदों की स्मृति में इस्कॉन द्वारका में शांति यज्ञ

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August 17, 2026

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कारगिल शहीदों की स्मृति में इस्कॉन द्वारका में शांति यज्ञ

—इस्कॉन द्वारका में कारगिल के शहीदों का 25वाँ स्मृति दिवस —शहीदों के साहस, बलिदान और एकता को शत-शत नमन

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- राष्ट्रीय गौरव और सैन्य शक्ति का प्रतीक कारगिल विजय दिवस उन शहीदों के साहस, बलिदान और एकता की गाथा की मिसाल पेश करता है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए कारगिल युद्ध में भारतीय सेना को जीत हासिल करवाई। कारगिल शहीदों की स्मृति में इस्कॉन द्वारका श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश मंदिर में 27 जुलाई को प्रातः 10 बजे शांति यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। नरसिंह भगवान को समर्पित इस यज्ञ में अनेक भक्तों सहित शहीदों के परिवारजन भी सम्मिलित होंगे।

शांति यज्ञ के पश्चात साढ़े 12 बजे महाआरती होगी। दोपहर 1 बजे शहीदों कारगिल शहीदों की स्मृति में उनके द्वारा किए अथक प्रयासों को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। कारगिल विजय दिवस हर साल 26 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिन हमें  देश के शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर प्रदान करता है। इस दिन पूरे देशवासियों को सच्चे ह्रदय से इन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करनी चाहिए। कारगिल के इस युद्ध में भारतीय सेना के एक नौजवान अधिकारी सैनिक कैप्टन विक्रम बत्रा (9 सितंबर 1974-7 जुलाई 1999) ने अपनी अभूतपूर्व वीरता का परिचय देते हुए वीरगति प्राप्त की थी। उन्हों मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च वीरता सम्मान परमवीर चक्र के सम्मानित किया गया। इस शांति यज्ञ में कैप्टन विक्रम बत्रा के परिवार के सदस्यों के सम्मिलित होने की संभावना है।

कारगिल युद्ध में परमवीर चक्र पाने वालों में विक्रम बत्रा के अतिरिक्त ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडेय, राइफलमैन संजय कुमार, कैप्टन अनुज नायर, मेजर आर.एस. अधिकारी को भी शांति यज्ञ के दौरान श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इस स्मृति समारोह में अनेक फौजी भी उपस्थित रहेंगे जिसमें सेवानिवृत्त कैप्टन अखिलेश सक्सेना, कैप्टन निशांत शर्मा, सेवानिवृत्त कर्नल बैद्यनाथ शुक्ला, कर्नल समीर कालरा का नाम शामिल है।

अतः देशवासी फौजियों जैसा जज़्बा लिए इस दिन उनके बलिदान को याद कर सकते हैं, एकता और साहस के संदेश को प्रसारित कर सकते हैं और देश की सैन्य शक्ति को नमन कर सकते हैं। और बच्चों को कारगिल युद्ध के दौरान हुए बलिदानों को स्मरण कर उनकी साहसिक गाथा सुना सकते हैं। तो आइए हम सब मिलकर अपनी व्यस्त ज़िंदगी से कुछ पल निकालकर नरसिंह भगवान के शांति यज्ञ में शामिल हों और कारगिल शहीदों को सच्चे मन से श्रद्धांजलि अर्पित करें।  

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