“एमएसडीई और मेटा की साझेदारी: स्किल इंडिया मिशन में एआई सहायक और 5 उत्कृष्टता केंद्रों का ऐलान”

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 15, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

“एमएसडीई और मेटा की साझेदारी: स्किल इंडिया मिशन में एआई सहायक और 5 उत्कृष्टता केंद्रों का ऐलान”

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने आज मेटा के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की, जिसके तहत स्किल इंडिया मिशन के लिए एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहायक और वर्चुअल रियलिटी (वीआर) में 5 उत्कृष्टता केंद्रों (सीओई) की स्थापना की जाएगी। यह पहल भारत के युवाओं को आज के प्रतिस्पर्धी परिदृश्य में आवश्यक कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से की जा रही है।

एआई सहायक की विशेषताएं
इस साझेदारी के तहत, मेटा के ओपन-सोर्स लामा मॉडल पर आधारित एक अभिनव एआई-चैटबॉट विकसित किया जाएगा, जो स्किल इंडिया डिजिटल (एसआईडी) पोर्टल पर शिक्षार्थियों के अनुभव को बढ़ाएगा। यह चैटबॉट उपयोगकर्ताओं को 24/7 सहायता प्रदान करेगा, जिससे पाठ्यक्रम की जानकारी की त्वरित खोज, पाठ्यक्रम सामग्री के लिए इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तरी, और व्याख्यान सारांश तथा प्रासंगिक वीडियो तक पहुंच संभव होगी।

चैटबॉट व्हाट्सएप पर भी उपलब्ध होगा और अंग्रेजी, हिंदी और हिंग्लिश को सपोर्ट करेगा, जिससे यह पूरे भारत में विभिन्न प्रकार के उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सुलभ बनेगा। उपयोगकर्ता विशिष्ट पाठ्यक्रम विषयों की खोज कर सकेंगे, कौशल केंद्रों को ढूंढ सकेंगे, और नौकरी की सूची के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

5 उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना
इसके अलावा, राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) में 5 सीओई की स्थापना की जाएगी, जो नवीनतम वीआर तकनीक से लैस होंगे। ये केंद्र शिक्षार्थियों और प्रशिक्षकों को एक सुरक्षित और आकर्षक वातावरण प्रदान करेंगे, जिससे वे मौजूदा कौशल सीख सकें और उन्हें बढ़ा सकें। ये केंद्र यथार्थवादी सिमुलेशन भी प्रदान करेंगे, जिससे कौशल विकास प्रशिक्षण में सुधार होगा।

मंत्री की टिप्पणी
कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “हमारा मिशन भारत के युवाओं को उन कौशलों से सशक्त बनाना है जिनकी उन्हें आज के प्रतिस्पर्धी परिदृश्य में आवश्यकता है। एआई, वीआर, और मिश्रित वास्तविकता जैसी प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करके, हम देश के युवाओं के लिए व्यक्तिगत शिक्षण मार्गों को सक्षम करने वाली अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों तक पहुंच का लोकतंत्रीकरण कर रहे हैं।”

मेटा का दृष्टिकोण
मेटा इंडिया के उपाध्यक्ष और सार्वजनिक नीति प्रमुख शिवनाथ ठुकराल ने कहा, “मेटा में, हम भारत के आर्थिक विकास के लिए सार्थक प्रभाव पैदा करने के लिए एआई, वीआर और एमआर जैसी अग्रणी प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह साझेदारी प्रौद्योगिकी और शिक्षा के बीच अंतर को पाटने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।”

इस साझेदारी के माध्यम से, एमएसडीई और मेटा छात्रों द्वारा पाठ्यक्रम सामग्री के साथ बातचीत करने और भविष्य के लिए तैयारी करने के तरीकों में क्रांतिकारी बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं। एआई सहायक और सीओई की स्थापना से, यह पहल भारत के कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने और युवाओं को रोजगार योग्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox