एनएचआरडीएफ से जुड़ा मराठवाड़ा कृषि विद्यापीठ, महाराष्ट्र के किसानों को होगा लाभ

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 17, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

एनएचआरडीएफ से जुड़ा मराठवाड़ा कृषि विद्यापीठ, महाराष्ट्र के किसानों को होगा लाभ

-दोनों संस्थानों की टेक्नोलाजी को आपस में आदान-प्रदान से कृषि जगत में आयेगी क्रांति

जनकपुरी/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- बुधवार 6 मार्च 2024 को राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के मुख्यालय, जनकपुरी, नई दिल्ली में बसंतराव नाईक मराठवारा कृषि विद्यापीठ के कुलपति प्रो. (डॉ) इंद्र मनी एक नई सोच के साथ पंहुचें। इस अवसर पर डॉ पी के गुप्ता, अपर निदेशक, राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान ने कुलपति का स्वागत, पुष्प गुच्छों एवं अंगवस्त्र से किया। दोनों ने कृषि व किसानों का किस तरह से ज्यादा से ज्यादा फायदा हो इस पर विस्तार से चर्चा की।

इस अवसर पर कुलपति महोदय ने राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के साथ अपना अनुभव सांझा करते हुए बताया कि इस संस्थान ने प्याज और लहसुन की बहुत सी प्रजातियों को विकसित किया हैं, जो महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष के किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही साथ यह भी बताया कि इसके अलावा भी यह संस्थान अलग अलग विषयों जैसे मशरूम उत्त्पादन, माली प्रशिक्षण, बीज उत्पादन, मधुमक्खी पालन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहता हैं। जिससे उनका संस्थान काफी प्रभावित है और हम महाराष्ट्र के किसानों को लाभ पंहुचाने के लिए इस संस्थान से जुड़ रहे है ताकि हम आपस में अपनी तकनीकों का आदान-प्रदान कर देश के किसानों को लाभ पंहुचा सकें।

वहीं अपर निदेशक, डॉ पी के गुप्ता, ने कहा कि बसंतराव नाईक मराठवारा कृषि विद्यापीठ, परभनी (महाराष्ट्र) के साथ विभिन्न विषयों पर अनुबंध करने का प्रस्ताव रखा गया है। प्याज एवं लहसुन कि नवीन प्रजातियों को संयुक्त रूप से विकसित करने एवं राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान द्वारा विकसित जैव पदार्थों जैसे ट्राइक्को वीर, स्यूडो गार्ड एवं यस गार्ड को महाराष्ट्र राज्य में अनुपयोग हेतु अनुशंसा करने का प्रस्ताव रखा। इससे किसानों को बहुत ही लाभ होगा और कुलपति महोदय ने संबोधित करते हुए कहा कि इस अनुबंध से दोनों संस्थानों की टेक्नोलाजी को आपस में आदान-प्रदान किया जा सकेगा और अपने-अपने क्षेत्र में किसानों को नई टेक्नोलाजी से अवगत कराया जाएगा जिससे किसानों को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त होगा ।
इस अवसर पर संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष श्री मनोज कुमार श्रीवस्ताव, उप निदेशक, श्री संजय सिंह, सहायक निदेशक, श्री ज्ञान प्रकाश दुवेदी, सहायक निदेशक, डॉ. एस. के. तिवारी, वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी, श्री राहुल डबास, लेखा अधिकारी, श्री एस.सी. तिवारी, वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी, तथा सभी कर्मचारी गण भी समारोह में सम्मलित हुए।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox