एनएचआरडीएफ व डॉ वाईएसआरएचयू के बीच हुआ फसल अनुसंधान समझौते पर हस्ताक्षर

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एनएचआरडीएफ व डॉ वाईएसआरएचयू के बीच हुआ फसल अनुसंधान समझौते पर हस्ताक्षर

-यह अनुबंध देश के किसानों के हित में होगा कारगर साबित- डा. बिजेन्द्र सिंह
-दोनो संस्थानों की टेक्नोलॉजी के आदान-प्रदान से मिलेंगे अप्रत्याशित परिणाम
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- देश में फसलों की नई प्रजातियों को विकसित करने व संस्थानों की टेक्नोलॉजी के आदान-प्रदान को लेकर राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान और डॉ. वाईएसआर बागवानी विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किये गये हैं। इस अवसर पर डॉ. वाईएसआर बागवानी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ टी जानकीराम और डॉक्टर बिजेंद्र सिंह अध्यक्ष राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान उपस्थित थे।
                     इस कार्यक्रम के दौरान कुलपति महोदय ने राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के साथ अपना अनुभव सांझा किया और बताया कि इस संस्थान ने प्याज और लहसुन की बहुत सी प्रजातियों को विकसित किया है जिससे पूरे भारतवर्ष के किसान लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही साथ यह भी बताया कि इसके अलावा भी यह संस्थान अलग-अलग विषयों जैसे मशरूम उत्पादन, माली प्रशिक्षण, बीज उत्पादन व मधुमक्खी पालन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहता है। इस अवसर पर एनएचआरडीएफ के अध्यक्ष डॉ विजेंद्र सिंह ने कहा कि डॉ वाईएसआर बागवानी विश्वविद्यालय के साथ यह अनुबंध देश के किसानों के लिए बहुत ही लाभदायक होगा जिसमें राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान विश्वविद्यालय के साथ मिलकर प्याज व लहसुन की प्रजातियां वहां के जलवायु परिवेश के हिसाब से विकसित करेगा। जिसके परिणाम स्वरूप आंध्र प्रदेश के किसान इससे लाभान्वित होंगे।
                   इस प्रोग्राम का संचालन डॉ पी के गुप्ता निदेशक राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान ने किया और अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर डॉ पी के गुप्ता ने इस प्रोग्राम को संबोधित करते हुए कहा कि अनुबंध से दोनों विभागों की टेक्नोलॉजी का आपस में आदान-प्रदान किया जाएगा और अपने अपने क्षेत्र में किसानों को नई टेक्नोलॉजी से अवगत कराया जाएगा। जिससे किसानों को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त होगा। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष के ओएसडी श्री प्रवीण जैन तथा संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव उपनिदेशक, डॉ एके सिंह सहायक निदेशक, श्री संजय सिंह सहायक निदेशक डॉ एस के तिवारी वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी, श्री एससी तिवारी वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी एवं श्री आकाश उपाध्याय तकनीकी अधिकारी भी समारोह में सम्मिलित हुए और इस समझौते के साक्षी बने।

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