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इलेक्ट्रो होम्योपैथी मेडिकल एसोसिएशन की बैठक संपन्न

-बैठक में उठा चिकित्सकों की परेशानी का मुद्दा

नांगलोई/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली में 4 फरवरी रविवार को इलेक्ट्रो होम्योपैथी मेडिकल एसोसिएशन की मीटिंग हुई जिसकी अध्यक्ष्ता डॉ. दीपक कालिया ने की तथा चिकित्सकों का स्वागत डॉ सुरेश मलकानी व डॉ विनोद ने किया। इस मीटिंग का आयोजन स्वामी विवेकानंद हॉस्पिटल एंड योगाश्रम पटपड़गंज दिल्ली में किया गया।
        मीटिंग में डॉ दीपक कालिया ने बताया कि मीटिंग करने का उद्देश्य यह है कि  इलेक्ट्रो होम्योपैथी में काम करने वाले चिकित्सकों को आने वाली दिक्कत को दूर करने व चिकित्सक किस प्रकार से अपनी प्रैक्टिस बढ़ा सके इस पर विचार किया गया।

 इसके साथ मोदी नगर से मीटिंग में आये डॉ महेश ने बतया किस प्रकर से मरिज की जांच उसके चाल ढाल, खानपान व प्रक्रति के आधार तथा नाडी विज्ञान से लगाया जा सकता हैं। उन्होंने आगे बताया कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी दवाई से मरीज को किस प्रकर ठीक किया जा सकता है, क्योंकि इलेक्ट्रोहोम्योपैथी किसी भी उम्र के मरीज को दे सकते है जिसका कोई भी बुरा प्रभाव नहीं है। क्योंकि इलेक्ट्रोहोम्योपैथी दवाऐं पौधों से तैयार की जाती है। डॉ विनोद जी ने बताया दवाई के साथ-साथ मरीज को अपने खान-पान पर भी ध्यान देना चाहिए जिसमें फल-सब्जियों की सलाद का प्रायोग करना चाहिए। विनोद जी ने बताया कि अच्छा खाना खाने से भी रोग को दूर किया जा सकता है।
           डॉ सुरेश मलकानी ने इलेक्ट्रोहोम्योपैथी दवाई एस-3 के बारे में बताया कि किस प्रकार से एस-3 का उपयोग करके मरीज को ठीक किया जा सकता है। डॉ प्रदीप कुमार और डॉ रेखा शर्मा ने नाड़ी विज्ञान के द्वारा मरीज के रोग की पहचान करके ठीक कैसे किया जाता है। उसके बारे में बताया गया। साथ ही नाडी विज्ञान से जांच करके दवाई दी जाये तो मरीज को जल्दी ठीक किया जा सकता है। साथ ही बताया कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी दवाई से बी.पी, शुगर, थॉयराइड जैसी बीमारी को पूर्ण रूप से खत्म किया जा सकता है। मीटिंग में डॉ मोनिका, डॉ सतीश कुमार, डॉ संजेता आनंद, डा. सुरेंदर, डॉ रामेश्वर, डॉ सोनी कौर, डॉ यश शर्मा, डॉ आरएस पाल, डॉ कमल कुमार गुप्ता, डॉ सतनाम सिंह, डॉ अर्चना झा व अन्य चिकित्सकों ने भी हिस्सा लिया व इलेक्ट्रोहोम्योपैथी प्रैक्टिस में आने वाली समस्याओं पर विचार किया।

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