इजरायल में बड़ी जीत की ओर अग्रसर बेंजामिन की पार्टी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

इजरायल में बड़ी जीत की ओर अग्रसर बेंजामिन की पार्टी

-प्रधानमंत्री नेतन्याहू की सरकार को मिल रहे बड़ी बढ़त के संकेत

इजरायल/- इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सत्ता में लौटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बुधवार को कहा कि उनका दक्षिणपंथी खेमा शानदार चुनावी जीत के मुहाने पर खड़ा है। लगभग 70 प्रतिशत मतों की गिनती हो चुकी है। नेतन्याहू की रूढ़िवादी लिकुड पार्टी को उसके संभावित धार्मिक सहयोगियों को संसद में बहुमत मिलने के मजबूत संकेत मिल रहे हैं। नेतन्याहू ने अपने लिकुड पार्टी चुनाव मुख्यालय में समर्थकों से कहा, हमने इज़राइल के लोगों से विश्वास का एक बड़ा वोट हासिल किया है। हम एक बहुत बड़ी जीत के कगार पर हैं।
            लगभग 18 महीने पहले नेतन्याहू को प्रधानमंत्री की गद्दी छोड़नी पड़ी थी। चार साल से भी कम वक्त में यह पांचवीं बार है, जब आम चुनाव करवाए जा रहे हैं। पूर्व पीएम ने कहा कि वह आधिकारिक परिणामों की प्रतीक्षा करेंगे।
            नेतेन्याहू सबसे लंबे समय (12 साल) तक प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली थी। जून 2021 में उनके शासन का अंत हुआ। मध्यमार्गी लैपिड उदारवादियों, दक्षिणपंथियों और अरब पार्टियों की एक अप्रत्याशित गठबंधन ने उनकी सरकार को उखाड़ फेंका था। नेतन्याहू को बेन-ग्विर और बेज़ेल स्मोट्रिच के समर्थन पर भरोसा है।
            आपको बता दें कि इससे पहले तीन प्रमुख इजरायली टीवी स्टेशनों के मतदान बाद के सर्वेक्षणों ने संकेत दिया कि नेतन्याहू और उनके सहयोगी नई सरकार बनाने के लिए आवश्यक, संसद में 61 सीटों वाले बहुमत पर कब्जा कर सकते हैं। सर्वेक्षणों में धुर दक्षिणपंथी विधायक इतामार बेन-ग्विर के रिलीजियस जियोनिजम को तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में भी दिखाया गया था।
           आपको बता दें कि इजरायल में अरब कुल आबादी का करीब 20 फीसदी हैं और हालिया चुनावों में नेतन्याहू के मार्ग को अवरूद्ध करने में महत्वपूर्ण कारक रहे हैं। लेकिन इस बार उनके वोट तीन पार्टियों के बीच बंट गए और इन तीनों ही पार्टियों का चुनावी प्रदर्शन खराब रहने की संभावना है । इसका अर्थ है कि अरबों के इन तीन दलों को दिए गए वोट बेकार गए।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox