आरजेएस के कार्यक्रम में डा.अम्बेडकर व स्वीटी पॉल के माता-पिता को श्रद्धांजलि

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August 17, 2026

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आरजेएस के कार्यक्रम में डा.अम्बेडकर व स्वीटी पॉल के माता-पिता को श्रद्धांजलि

-"बुजुर्ग प्रियजनों की देखभाल" कार्यक्रम में आरजेसियंस को मिली चार डाॅक्टरों की सलाह

नई दिल्ली/- राम-जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के संयुक्त तत्वावधान में संस्थापक उदय कुमार मन्ना के संयोजन व संचालन में सह-आयोजक स्वीटी पॉल, पूर्व प्रबंधक आईटीपीओ, नई दिल्ली ने बुजुर्ग प्रियजनों की देखभाल पर 291वां कार्यक्रम आयोजित किया। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण 6 दिसंबर की पूर्व संध्या पर उनकी स्मृति को नमन् किया गया और स्वीटी पॉल के माता-पिता स्व. भगवती सक्सेना और ओमप्रकाश सक्सेना को भी श्रद्धांजलि दी गई।

स्वीटी पॉल ने मुख्य अतिथि डा. जी एस ग्रेवाल, एल्डर केयर कंसल्टेंट, डा. अजित सैगल ऑर्थोपेडिक सर्जन, डा. बेला सैगल स्त्री रोग विशेषज्ञ और डा. आनंद शर्मा नेत्ररोग विशेषज्ञ का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने बुजुर्गों को गोल्डन क्वाइन कहते हुए उनके योगदान को याद किया और अपनी जन्मदात्री की पसंदीदा प्रेयर को गाकर प्रतिभागियों को भावविभोर कर दिया “भगवान मेरा जीवन संसार के लिए हो, ये जिंदगी हो लेकिन उपकार के लिए हो…..”।

स्वीटी पॉल ने बताया कि उनकी मां ने सिखाया था कि बुजुर्गों का अनादर हो तो विरोध करना चाहिए। उन्होंने साझा किया कि उनकी सास छः महीने बिस्तर पर थी, तब उन्होंने उनकी सेवा की। मां और सास दोनों ने उन्हें ज्ञान और संस्कार दिए, इसलिए आज वे आरजेएस पीबीएच के सकारात्मक भारत-उदय वैश्विक आंदोलन से जुड़कर 15 जनवरी 2025 के वसुधैव कुटुम्बकम अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम “प्रवासी भारत उत्सव” की तैयारी कर पा रही हैं।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने मुख्यतः इन बातों पर ध्यान दिलाया

  • वरिष्ठ नागरिकों को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए, जिसमें नेत्र परीक्षण, श्रवण परीक्षण और संज्ञानात्मक मूल्यांकन शामिल हैं।
  • आनुवांशिक स्थितियों को समझने और उपचार के तरीकों में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
  • पेस मेकर को चमत्कारी उपाय बताया गया।
  • एडवांस्ड मेडिकल डायरेक्टिव (एएमडी) नामक कानूनी दस्तावेज का उपयोग कर बुजुर्ग व्यक्ति के असमर्थ होने की स्थिति में कोई और व्यक्ति उनकी ओर से निर्णय ले सकता है।
  • वरिष्ठ नागरिकों को उचित नेत्र देखभाल का अभ्यास करना चाहिए, जिसमें स्क्रीन टाइम और बाहरी गतिविधियों से नियमित ब्रेक शामिल है।
  • वरिष्ठ नागरिकों को अच्छी स्वच्छता की आदतें बनाए रखनी चाहिए, विशेष रूप से मूत्र और योनि के स्वास्थ्य के लिए।
  • देखभाल करने वालों को बुजुर्गों को गिरने से बचाने के लिए एक सुरक्षित घरेलू वातावरण सुनिश्चित करना चाहिए, जिसमें गैर-फिसलन वाली सतह और उचित प्रकाश व्यवस्था शामिल है।
  • वरिष्ठ नागरिकों को फ्लू के टीके और न्यूमोकोकल टीके सहित अनुशंसित टीके लगवाने चाहिए।
  • वरिष्ठ नागरिकों को अकेलेपन से लड़ने और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए सामाजिक रूप से सक्रिय रहना चाहिए।
  • वरिष्ठ नागरिकों को एक उन्नत चिकित्सा निर्देश तैयार करने पर विचार करना चाहिए।
  • बुजुर्गों को सोयाबीन, दाल, नट्स, स्प्राउट्स जैसे प्राकृतिक चीजों का सेवन करना चाहिए। विटामिन बी 12 और डी के साथ प्रोटीनयुक्त आहार को खाने में शामिल करने पर बल दिया गया। साथ ही फ्रेक्चर को रोकने पर सलाह दी गई।

आरजेएस पीबीएच बैठक की सामग्री को समाचार पत्र और यूट्यूब के माध्यम से डिजिटल और न्यूज़ लेटर तथा पुस्तकों के माध्यम से दस्तावेजीकरण करता है।

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