आयुर्वेद विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं का अनिश्चितकालीन धरना शुरू, 

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 6, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

आयुर्वेद विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं का अनिश्चितकालीन धरना शुरू, 

-परीक्षाएं और परिणाम समय पर न होने पर जताई नाराज़गी

देहरादून/अनीशा चौहान/- उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में शैक्षणिक अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ छात्र-छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया है। बीएएमएस कोर्स के छात्र लंबे समय से रुकी हुई परीक्षाओं और लंबित परिणामों को लेकर परेशान हैं। बुधवार को छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।

छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के चलते उनका शैक्षणिक भविष्य अंधकार में चला गया है। 2019 से लेकर 2022 बैच तक के छात्र-छात्राएं इस आंदोलन में शामिल हैं। उनका आरोप है कि न तो परीक्षाएं समय पर कराई जा रही हैं और न ही पूर्व परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए जा रहे हैं। यहां तक कि 2018 बैच के छात्रों की डिग्री तक अब तक जारी नहीं की गई है।

छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। छात्रों का कहना है कि अब यह ‘आर-पार’ की लड़ाई है। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं हुआ, तो उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

धरने पर बैठे छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन को कई बार पत्र और ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। किसी भी वरिष्ठ अधिकारी ने अभी तक छात्रों से बात करने की ज़हमत तक नहीं उठाई, जिससे आक्रोश और अधिक बढ़ गया है।

छात्रों का यह भी कहना है कि डिग्री और परीक्षा परिणाम न मिलने की वजह से उन्हें उच्च शिक्षा या नौकरी के अवसरों से वंचित रहना पड़ रहा है। ऐसे में वे अपने भविष्य को लेकर गहरे संकट में हैं और विवि की इस उदासीनता को अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे।

निष्कर्षतः, विश्वविद्यालय प्रशासन की निष्क्रियता और संवादहीनता ने छात्रों को आंदोलन की राह पर ला खड़ा किया है। अब देखना होगा कि छात्रों की यह आवाज़ कब और कितनी गूंजती है, और क्या प्रशासन समय रहते इसे सुनने के लिए तैयार होता है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox