आप 20वीं सदी के टाइपराइटर पर 21वीं सदी का सॉफ्टवेयर नहीं चला सकते- पीएम मोदी

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आप 20वीं सदी के टाइपराइटर पर 21वीं सदी का सॉफ्टवेयर नहीं चला सकते- पीएम मोदी

-बेलारूस, मलेशिया समेत 10 देश बने ब्रिक्स के सहयोगी, इंडोनेशिया बना नया सदस्य

रियो डी जेनेरियो/नई दिल्ली/- ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ’एआई के युग में, जहां तकनीक हर हफ्ते विकसित हो रही है, वहां वैश्विक संस्थाओं का 80 साल तक बिना सुधार के रहना अस्वीकार्य है। आप 20वीं सदी के टाइपराइटर पर 21वीं सदी का सॉफ्टवेयर नहीं चला सकते।’ इसके साथ ही ब्रिक्स देशों ने इंडोनेशिया को ब्रिक्स संगठन का नया सदस्य बनाने की सहमति दे दी।  वहीं दस देशों बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, नाइजीरिया, मलेशिया, थाईलैंड, क्यूबा, वियतनाम, यूगांडा और उज्बेकिस्तान को सहयोगी देशों के तौर पर ब्रिक्स में शामिल किया गया है।

ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित हो रहे 17वें ब्रिक्स सम्मेलन के साझा बयान में कहा गया कि ’हम इंडोनेशिया गणराज्य का ब्रिक्स सदस्य के रूप में स्वागत करते हैं। साथ ही बेलारूस गणराज्य, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा गणराज्य, नाइजीरिया, मलयेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, युगांडा और उज्बेकिस्तान को ब्रिक्स भागीदार देशों के रूप में स्वागत करते हैं।’

पीएम मोदी बोले- पुराने टाइपराइटर से नया सॉफ्टवेयर नहीं चला सकते
साझा बयान में जलवायु वित्त पर ब्रिक्स नेताओं के रूपरेखा घोषणापत्र और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वैश्विक शासन पर ब्रिक्स नेताओं के वक्तव्यों को शामिल किया गया है। साथ ही सामाजिक रूप से निर्धारित बीमारियों के उन्मूलन के लिए ब्रिक्स देशों की भागीदारी। रविवार को ब्रिक्स सत्र ’शांति और सुरक्षा और वैश्विक शासन में सुधार’ के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स का विस्तार और नए भागीदारों को शामिल करना समय के साथ विकसित होने की इसकी क्षमता को प्रदर्शित करता है और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) और बहुपक्षीय विकास जैसे संस्थानों में सुधार का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ’ब्रिक्स का विस्तार और नए साझेदारों का इसमें शामिल होना समय के साथ विकसित होने की इसकी क्षमता को दर्शाता है। अब, हमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, विश्व व्यापार संगठन और बहुपक्षीय विकास बैंकों जैसी संस्थाओं में सुधार के लिए उसी दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करना चाहिए। एआई के युग में, जहां तकनीक हर हफ्ते विकसित हो रही है, वहां वैश्विक संस्थाओं का 80 साल तक बिना सुधार के रहना अस्वीकार्य है। आप 20वीं सदी के टाइपराइटर पर 21वीं सदी का सॉफ्टवेयर नहीं चला सकते।’

साल 2006 में बना था ब्रिक्स संगठन
एक औपचारिक समूह के रूप में, ब्रिक की स्थापना साल 2006 में जी-8 आउटरीच शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। जब सेंट पीटर्सबर्ग में ब्राजील, रूस, भारत और चीन के नेताओं की बैठक हुई थी। 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ब्रिक विदेश मंत्रियों की पहली बैठक के दौरान समूह को औपचारिक रूप दिया गया था। पहला ब्रिक शिखर सम्मेलन 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित किया गया था। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, 2010 में न्यूयॉर्क में ब्रिक विदेश मंत्रियों की बैठक में दक्षिण अफ्रीका को शामिल करके ब्रिक को ब्रिक्स में बदल दिया गया। दक्षिण अफ्रीका ने 2011 में सान्या में तीसरे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया। ब्रिक्स का एक और विस्तार साल 2024 में हुआ, जब मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात इसके पूर्ण सदस्य बने। अब इंडोनेशिया को पूर्ण सदस्य के रूप में ब्रिक्स में शामिल हो गया।

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