
सोशल मीडिया/सिमरन मोरया/- भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देश विरोधी वीडियो और कंटेंट को रोकने के लिए एक राष्ट्रीय पॉलिसी लाने की घोषणा की है। इस पॉलिसी का मकसद उन लोगों और समूहों पर नकेल कसना है, जो सोशल मीडिया के जरिए भ्रामक, नफरत फैलाने वाली या देश की एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाली सामग्री प्रसारित करते हैं। खुफिया एजेंसियों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की संसदीय समिति को बताया कि ऐसी सामग्री राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन रही है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है।
नई पॉलिसी का उद्देश्य
गृह मंत्रालय की प्रस्तावित राष्ट्रीय पॉलिसी का मुख्य लक्ष्य सोशल मीडिया पर देश विरोधी प्रचार को रोकना और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखना है। इस पॉलिसी के तहत एक विशेष निगरानी टीम बनाई जाएगी। जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA), राज्य पुलिस, और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी अन्य एजेंसियां शामिल होंगी। यह टीम सोशल मीडिया पर सक्रिय देश विरोधी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगी।
इसके अलावा देश विरोधी कंटेंट साझा करने वाले अकाउंट्स और हैंडल्स को ब्लॉक किया जाएगा। साथ ही, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा या लोक व्यवस्था के लिए ऑनलाइन कंटेंट ब्लॉक करने का अधिकार है। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अपनी कंटेंट मॉडरेशन नीतियों को और सख्त करने का निर्देश दिया है। सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत इन कंपनियों को गैर-कानूनी कंटेंट को 36 घंटे के भीतर हटाने और उसके स्रोत का पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।





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