अब ऑटो-टैक्सी चालकों को वर्दी पहनना होगा अनिवार्य, नहीं तो कटेगा 10 हजार का चालान

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 16, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

अब ऑटो-टैक्सी चालकों को वर्दी पहनना होगा अनिवार्य, नहीं तो कटेगा 10 हजार का चालान

-राजधानी में परिवहन विभाग ने सुरक्षित व व्यवस्थित सफर के लिए जारी किया आदेश

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली में अब चालक बगैर वर्दी के ऑटो व टैक्सी नही चला पायेंगे। दिल्ली सरकार ने उन्हें वर्दी पहनना अनिवार्य कर दिया है और नहीं पहनने पर 10 हजार का चालान काटने का आदेश दिया है। परिवहन विभाग ने सोमवार को एक आदेश में राष्ट्रीय राजधानी में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों को वाहन चलाते समय वर्दी पहनकर चलने का आदेश जारी किया है। ऐसा नहीं करने पर जुर्माना और बार-बार उल्लंघन करने वालों का लाइसेंस निलंबित करने की चेतावनी दी है।

                मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 66 के तहत प्रत्येक टैक्सी और ऑटो रिक्शा को सड़क पर चलने के लिए परमिट प्राप्त करना आवश्यक है। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि परमिट कुछ शर्तों के साथ संचालित होता है, उनमें से प्रमुख यह है कि कोई व्यक्ति निर्धारित वर्दी पहने बिना वाहन नहीं चलाएगा।परिवहन विभाग के अधिकारी ने कहा कि शुरुआत में ध्यान ड्राइवरों में वर्दी पहनने के लिए जागरूकता पैदा करने पर होगा, क्योंकि शहर जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है और सरकार खराब प्रभाव नहीं डालना चाहती है।
               सोमवार के आदेश में कहा गया कि टैक्सी और ऑटो रिक्शा के सभी चालकों को निर्देशित किया जाता है कि वे निर्धारित वर्दी पहने बिना वाहन न चलाएं और ऐसा न करने पर परमिट की शर्तों के उल्लंघन के लिए चालान जारी किया जाएगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों के चालकों के लिए वर्दी पहनना भी अनिवार्य है।दिल्ली ऑटोरिक्शा संघ के महासचिव राजिंदर सोनी ने कहा कि वर्दी चालकों को एक पहचान देगी।

                 दिल्ली मोटर वाहन नियम 1993 के अनुसार ऑटो और टैक्सी के चालकों को अपने वाहन चलाते समय खाकी वर्दी पहनना आवश्यक है। हालांकि 1995-96 के आसपास ड्राइवरों के लिए रंग को ग्रे में बदल दिया गया था। लेकिन उन लोगों के लिए सफेद रंग बदल दिया गया था, जो अपनी टैक्सी और ऑटो खुद चलाते थे। राजधानी में ऑटो और टैक्सी चला रहे चालकों का कहना है कि ड्राइवरों को वर्दी पहनने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन चालान एक समस्या है। उन्होंने कहा कि ऑटो और टैक्सी चालक मुश्किल से प्रतिदिन 2,000-4,000 कमाते हैं। उनके लिए 10,000 रुपए का जुर्माना बहुत अधिक है। सरकार को इस पर सोचना  चाहिए।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox