अनोखा विवाह: दो भाइयों से रचाई शादी, तीन दिन तक चली रस्में, बहुपति परंपरा बनी वजह

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 23, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

अनोखा विवाह: दो भाइयों से रचाई शादी, तीन दिन तक चली रस्में, बहुपति परंपरा बनी वजह

अनीशा चौहान/- हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई गांव में हुई एक अनोखी शादी ने सबका ध्यान खींचा। दरअसल, यहां दो सगे भाइयों ने एक ही लड़की के साथ शादी रचा ली। यह अनोखी शादी का समारोह 12 से 14 जुलाई 2025 तक यानी तीन दिनों तक धूमधाम से चला। लेकिन खास बात यह है कि यह कपल हट्टी जनजाति से संबंध रखता है, जहां बहुपति प्रथा (पॉलीएंड्री) का एक अलग ही महत्व है।

अनोखी शादी और समारोह
बता दें, सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र के थिंडो खानदान से ताल्लुक रखने वाले दो भाई, प्रदीप नेगी और कपिल नेगी, ने पास के कुन्हट गांव की सुनीता चौहान के साथ पूरे रीति-रिवाजों के साथ शादी की। यह शादी हट्टी समुदाय की प्राचीन बहुपति प्रथा के तहत हुई, जिसमें एक महिला दो या अधिक भाइयों की पत्नी बनती है।

आज के समय में जहां एक से ज्यादा पति या पत्नी होने की बात पर ही लड़ाई-झगड़े हो जाते है, वहीं बहुपति प्रथा के तहत हुई यह शादी किसी बड़े समारोह से कम नहीं थी। समारोह में ढोल-नगाड़ों, पहाड़ी लोकगीतों और नृत्य के साथ सैकड़ों ग्रामीण और रिश्तेदार शामिल हुए। तीन दिनों तक चले इस उत्सव में पारंपरिक व्यंजनों ने भी सबका दिल जीत लिया।

बहुपति प्रथा पर क्या बोला कपल?
समुदाय की प्राचीन बहुपति प्रथा पर दुल्हन सुनीता ने कहा कि यह उनका स्वतंत्र फैसला था, इसलिए उन पर कोई दबाव नहीं था। उन्होंने अपनी संस्कृति का हिस्सा बनने पर गर्व जताया। प्रदीप जल शक्ति विभाग में सरकारी नौकरी करते हैं और कपिल विदेश में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कार्यरत हैं, दोनों ने इस परंपरा को अपनाने का फैसला आपसी सहमति से लिया। प्रदीप ने कहा कि यह विश्वास और एकता का प्रतीक है, जबकि कपिल ने इसे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए स्थिरता और प्रेम का रिश्ता बताया।

क्या है बहुपति प्रथा?
बता दें, बहुपति प्रथा (पॉलीएंड्री) एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था है जिसमें एक महिला एक साथ कई पुरुषों, आमतौर पर सगे भाइयों, से शादी करती है। यह प्रथा भारत में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर, किन्नौर और उत्तराखंड के जौनसार-बावर जैसे कुछ क्षेत्रों में हट्टी और अन्य जनजातियों में प्रचलित रही है। ऐतिहासिक रूप से, इस प्रथा का उद्देश्य संयुक्त परिवार को बनाए रखना, पैतृक संपत्ति का बंटवारा रोकना और परिवार में एकता कायम रखना था।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox