YOUTUBE ऐड के झांसे में आकर डॉक्टर को हुआ ₹76.5 लाख का नुकसान, फर्जी वॉट्सऐप ग्रुप का हुए शिकार

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August 20, 2026

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YOUTUBE ऐड के झांसे में आकर डॉक्टर को हुआ ₹76.5 लाख का नुकसान, फर्जी वॉट्सऐप ग्रुप का हुए शिकार

मानसी शर्मा /-  ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से यूजर्स को जाल में फंसा रहे हैं। हाल ही में तमिलनाडु में एक डॉक्टर ने यूट्यूब ऐड पर क्लिक करके 76.5लाख रुपये का नुकसान झेला। यह घटना एक गंभीर साइबर स्कैम का एक परफेक्ट उदाहरण है, जिसमें शातिर अपराधियों ने डॉक्टर को अपनी चपेट में ले लिया।

रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत डॉक्टर ने एक यूट्यूब ऐड पर क्लिक किया, जो ऑनलाइन ट्रेडिंग और स्टॉक मार्केट के बारे में गाइडेंस दे रहा था। क्लिक करते ही उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया गया, जहां निवेशक खुद को बताकर स्टॉक मार्केट के टिप्स और लाभ के स्क्रीनशॉट्स शेयर कर रहे थे। डॉक्टर इन टिप्स से प्रभावित हुए और उन्हें यह एक अच्छा निवेश अवसर लगा।

किस तरह फंसाया गया उन्हें?

इस ग्रुप के सदस्यों ने शुरुआत में डॉक्टर को ऑनलाइन ट्रेडिंग की बुनियादी जानकारी दी। इससे उनका विश्वास और भी बढ़ गया। ग्रुप के संचालक दिवाकर सिंह ने उन्हें शॉर्ट और लॉन्ग टर्म निवेश के बारे में सलाह दी। धीरे-धीरे डॉक्टर ने बड़े स्तर पर निवेश करने का फैसला लिया और अपनी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करना शुरू कर दिया।

सक्रीनशॉट्स और 30%मार्जिन के वादे के साथ डॉक्टर को यह बताया गया कि उनके फंड्स को भारत और यूएस के स्टॉक्स में निवेश किया जाएगा। इस लालच में डॉक्टर ने अक्टूबर महीने में तीन हफ्तों में 76.5लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। लेकिन जब उन्होंने कुछ पैसे निकालने की कोशिश की, तो वेबसाइट ने ट्रांजैक्शन अस्वीकार कर दिया और अतिरिक्त चार्ज की मांग की। इसने डॉक्टर को अहसास हुआ कि वह धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं।

साइबर अपराध से बचने के उपाय

साइबर पुलिस और विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे फर्जी ऑनलाइन विज्ञापनों और स्कीम्स से बचने के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। किसी भी अनजान ग्रुप में व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी साझा न करें और अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। विशेष रूप से, जो ऑफर त्वरित और ज्यादा लाभ का दावा करते हैं, वे अक्सर धोखाधड़ी का हिस्सा होते हैं।

यह घटना हमें यह सिखाती है कि ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्कता और समझदारी से काम लेना जरूरी है।

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