नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- देश में चीन के खिलाफ चल रहे माहौल पर अब आईपीएल ने भी पलटी मार दी है। वीवो को आईपीएल का प्रायोजक घोषित करने के एक दिन बाद ही देश में इसके खिलाफ भारी जनविरोध को देखते हुए आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में सदस्यों ने वीवो को आईपीएल की प्रायोजक कंपनी से हटा दिया है। कमेटी के अनुसार अब वीवो 2020 आईपीएल में प्रायोजक नही होगा।
यहां बता दें कि आईपीएल संचालन समिति ने रविवार को टूर्नामेंट के प्रमुख प्रायोजकों के रूप में चीनी कंपनियों के साथ बने रहने का फैसला किया था। लेकिल भारत और चीन के बीच पिछले काफी समय से चल रहे सीमा विवाद की वजह से चीनी कंपनियों का सरकारी व निजी तौर पर पूरे देश में काफी विरोध हो रहा है। जिसे देखते हुए आईपीएल के इस फैसले का पूरे देश में व्यापक रूप से जनविरोध सामने आया था और आरएसएस व दूसरी संस्थाओं ने तो आईपीएल के आयोजन को ही रद्द करने की गृहमंत्री से मांग कर दी थी। जिसे देखते हुए आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने भी देश की तर्ज पर वीवो को प्रायोजक श्रेणी से बाहर कर चीन को बड़ा झटका दे दिया है। साथ ही यह भी बता दें कि इंडियन प्रीमियर लीग के 13वें सीजन का आयोजन 19 सितंबर से यूएई में होने जा रहा है। भारत सरकार ने इसकी सहमती दे दी है। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 10 नवंबर को खेला जाएगा।


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