F-16 क्रैश: जानिए इस घातक फाइटर जेट की ताक़त और तकनीक

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F-16 क्रैश: जानिए इस घातक फाइटर जेट की ताक़त और तकनीक

-पोलैंड में हादसे का शिकार हुआ F-16

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/-  अमेरिका द्वारा निर्मित F-16 फाइटर जेट, जिसे ‘फाइटिंग फाल्कन’ के नाम से भी जाना जाता है। यह विमान अपनी बहुमुखी प्रतिभा, उन्नत तकनीक और प्रभावी युद्ध क्षमताओं के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। हाल ही में, 28 अगस्त को पोलैंड के राडोम में आयोजित होने वाले एयरशो के रिहर्सल के दौरान एक F-16 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर ने दुनिया का ध्यान खींचा। इस हादसे में पोलिश वायुसेना के अनुभवी पायलट मेजर मैसी ‘स्लैब’ क्राकोवियन की मौत हो गई।

F-16 फाइटर जेट की विशेषताएं
बता दें, F-16 एक सिंगल-इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे 1970 के दशक में जनरल डायनेमिक्स (अब लॉकहीड मार्टिन) ने डिजाइन किया था। F-16 में अत्याधुनिक एवियोनिक्स सिस्टम, रडार और सेंसर हैं, जो इसे हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के मिशनों में सक्षम बनाते हैं। इसका ‘फ्लाई-बाय-वायर’ सिस्टम और हल्का ढांचा इसे अत्यधिक गतिशील बनाता है। यह 2,400 किमी/घंटा (मैक 2) की गति तक पहुंच सकता है और 50,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है।

F-16 विभिन्न प्रकार के हथियार ले जा सकता है, जिसमें AIM-9 साइडवाइंडर और AIM-120AMRAAM मिसाइलें, प्रेसिजन-गाइडेड बम, और एंटी-रडार मिसाइलें शामिल हैं। यह विमान नाटो (NATO) की रक्षा रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो इसे सामरिक और रणनीतिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बनाता है। F-16 का उपयोग 25 से अधिक देशों की वायुसेनाएं करती हैं, जिसमें अमेरिका, पोलैंड, तुर्की, इजरायल और पाकिस्तान शामिल हैं।

पोलैंड एयरशो में F-16 दुर्घटना: क्या हुआ?
दरअसल, 28 अगस्त को पोलैंड के राडोम में होने वाले अंतरराष्ट्रीय एयरशो (AirSHOW Radom 2025) के रिहर्सल के दौरान एक F-16 फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान पोलिश वायुसेना की ‘टाइगर डेमो टीम’ का हिस्सा था, जो F-16C ब्लॉक 52+ विमान संचालित करती है।

पाकिस्तान से F-16 का कनेक्शन
F-16 विमान का पाकिस्तान से भी गहरा संबंध है, क्योंकि पाकिस्तान वायुसेना (PAF) इसका एक प्रमुख उपयोगकर्ता है। पाकिस्तान ने 1980 के दशक से F-16 विमानों का उपयोग शुरू किया। तो वहीं, वर्तमान में उसके पास F-16A/B और उन्नत F-16C/D ब्लॉक 52+ मॉडल हैं। इन विमानों का उपयोग भारत के साथ सीमा तनाव और अन्य क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों में किया जाता रहा है।

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