सर्दियों में बढ़ता फ्रोज़न शोल्डर: योग से दर्द और अकड़न में राहत

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 1, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-अलका सिंह, योगा एक्सपर्ट

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-    जैसे ही सर्दियों का मौसम शुरू होता है, शरीर में दर्द और अकड़न की समस्याएँ बढ़ने लगती हैं। विशेषकर व्यस्त शहरी जीवनशैली, तनाव और कम शारीरिक गतिविधि के कारण फ्रोज़न शोल्डर यानी कंधे की अकड़न की समस्या आम हो गई है। फ्रोज़न शोल्डर (एडहेसिव कैप्सुलिटिस) में कंधे और ऊपरी बांह को हिलाना मुश्किल हो जाता है। इसके लक्षण धीरे-धीरे प्रकट होते हैं और समय के साथ गंभीर हो सकते हैं।

फ्रोज़न शोल्डर में योग का महत्व
योग की सूक्ष्म क्रियाएँ फ्रोज़न शोल्डर के दर्द और अकड़न को कम करने में अत्यधिक प्रभावी हैं। योग के नियमित अभ्यास से कंधों की मांसपेशियाँ रिलैक्स होती हैं, उनका लचीलापन बढ़ता है और दर्द में राहत मिलती है। आधुनिक जीवनशैली में लोग लंबे समय तक कंप्यूटर पर बैठे रहते हैं, गाड़ी चलाते हैं या टीवी देखते हैं, जिससे कंधे जकड़ जाते हैं और धीरे-धीरे कठोर हो जाते हैं।

योगासन और कंधों की सक्रियता
सुबह के समय हल्की जॉगिंग, शेकिंग या सूर्य नमस्कार से वार्म अप करना जरूरी है। इसके बाद कंधों को घुमाने, गर्दन और पीठ के ऊपरी हिस्से को हिलाने की सूक्ष्म मुद्राएँ अभ्यास की जानी चाहिए। उन्नत मुद्राओं में बैक बैंडिंग और हार्ट ओपनिंग शामिल हैं। यह सभी अभ्यास किसी प्रशिक्षित योग शिक्षक के मार्गदर्शन में करने चाहिए।
सुझाए गए योगासनों में शामिल हैं:

गरुड़ासन: कंधों और पीठ के ऊपरी हिस्से को खींचता है और तनाव को दूर करता है।
पश्चिमोत्तानासन: कंधों और छाती की मांसपेशियों को खोलता है।
उष्ट्रासन: शरीर के सामने वाले हिस्से को मजबूत करता है और पीठ के निचले हिस्से का दर्द कम करता है।
धनुरासन: छाती, गर्दन और कंधों को खोलता है तथा थकान दूर करता है।
पूर्वोत्तानासन: कंधों, छाती और गर्दन को खींचता है और टखनों व कलाइयों को मजबूत करता है।

अभ्यास करते समय ध्यान दें:
मुद्राओं को धीरे-धीरे और पूरी जागरूकता के साथ बदलें।
सांसों पर ध्यान दें और उन्हें सामान्य तथा लगातार रखें।

किसी प्रशिक्षित योग शिक्षक के निर्देशन में अभ्यास प्रारंभ करें और जब मुद्राओं में सहजता आए, तभी स्वतंत्र अभ्यास करें।

फ्रोज़न शोल्डर जैसी समस्याओं से राहत पाने के लिए गति-हीन जीवनशैली को छोड़ना और योग के नियमित अभ्यास को अपनाना जरूरी है। सही मुद्राओं और सूक्ष्म क्रियाओं के माध्यम से कंधों की अकड़न दूर होती है, लचीलापन बढ़ता है और दर्द में राहत मिलती है। योग न केवल फ्रोज़न शोल्डर के लिए, बल्कि पूरे शरीर की तंदुरुस्ती और मानसिक शांति के लिए भी लाभकारी है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox