कार्तिक पूर्णिमा पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब

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July 17, 2026

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उत्तराखंड/उमा सक्सेना/-    कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर हरिद्वार की हर की पैड़ी में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ आया। इस शुभ दिन पर पवित्र गंगा स्नान का विशेष महत्व होने के कारण भोर से ही उत्तर भारत सहित देश के विभिन्न प्रांतों से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। ठिठुरन भरी सुबह और शीतल हवाओं के बावजूद भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

भोर से शुरू हुआ पुण्य स्नान, देर रात तक रही भीड़
हर की पैड़ी, मालवीय द्वीप और आसपास के घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता सुबह से लेकर देर रात तक लगा रहा। गंगा स्नान कर भक्तों ने पुण्य लाभ अर्जित किया और गंगा तट पर दीप प्रज्वलित कर देव दीपावली का पर्व मनाया। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा एवं अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और विष्णुलोक की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

दीपदान, हवन और दान से गूंजा हरिद्वार
आस्था से ओतप्रोत श्रद्धालु स्नान के बाद गंगा तट पर दीपदान करते और परिवारों के साथ हवन-अनुष्ठान करते दिखाई दिए। कई भक्तों ने खिचड़ी, वस्त्र और आवश्यक वस्तुओं का दान कर पुण्य अर्जित किया। गंगा आरती के दौरान जलते दीपों की आभा, गूंजते मंत्रोच्चार और आस्था से भरे चेहरों ने वातावरण को पूर्णतः आध्यात्मिक बना दिया।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान
श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। हरिद्वार-दिल्ली-रुड़की हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ने से कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही, लेकिन अतिरिक्त फोर्स की तैनाती से यातायात व्यवस्था को सुचारू रखा गया।

हरिद्वार में झलकी भारतीय आस्था और संस्कृति की अनोखी छटा
गंगा तट पर चारों ओर फैली दीपों की रोशनी, गूंजते भजन और मंत्रोच्चार ने हरिद्वार के वातावरण को दिव्यता से भर दिया। कार्तिक पूर्णिमा का यह पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के अनुपम दर्शन का साक्षी बना।

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