आज से बदल गया आपका बैंक चेक क्लियरेंस का तरीका, RBI का बड़ा फैसला लागू

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 13, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

आज से बदल गया आपका बैंक चेक क्लियरेंस का तरीका, RBI का बड़ा फैसला लागू

-4 अक्टूबर से शुरू हुआ फास्ट चेक क्लियरेंस सिस्टम

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   बैंकिंग सिस्टम में आज यानी 4 अक्टूबर 2025 से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देशभर के बैंकों के लिए फास्ट चेक क्लियरेंस सिस्टम (Fast Cheque Clearance System) शुरू कर दिया है।
इस नई व्यवस्था के तहत अब चेक जमा करने पर पैसा उसी दिन खाते में आ जाएगा, जिससे पहले की तरह 1-2 दिन का इंतजार खत्म हो जाएगा। यह बदलाव ग्राहकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
RBI की नई व्यवस्था के अनुसार, अब चेक क्लियरेंस प्रक्रिया को Continuous Cheque Clearing मोड पर लाया गया है।
सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जो भी चेक बैंक में जमा होंगे, उनकी इमेज और डेटा तुरंत स्कैन होकर क्लियरिंग हाउस को भेज दी जाएगी। क्लियरिंग हाउस को शाम 7 बजे तक जवाब देना होगा।
अगर बैंक तय समय तक जवाब नहीं देता है, तो चेक को ऑटोमैटिक क्लियर मान लिया जाएगा।

नया नियम दो चरणों में लागू होगा
पहला चरण (4 अक्टूबर 2025 – 2 जनवरी 2026):

इस अवधि में बैंक को शाम 7 बजे तक चेक की पुष्टि का समय दिया जाएगा।

 दूसरा चरण (3 जनवरी 2026 से आगे):

अब बैंक को सिर्फ 3 घंटे के अंदर चेक क्लियर करना होगा। उदाहरण के तौर पर, अगर चेक सुबह 10 बजे जमा हुआ है, तो दोपहर 2 बजे तक क्लियर होना अनिवार्य होगा।
इससे चेक क्लियरेंस की प्रक्रिया पहले से कहीं तेज़ और पारदर्शी हो जाएगी।

पहले बड़े शहरों में लागू, फिर पूरे देश में विस्तार
RBI ने इस प्रणाली को शुरुआत में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई जैसे बड़े शहरों के क्लियरिंग ग्रिड्स पर लागू किया है। इसके बाद इसे धीरे-धीरे देशभर में लागू किया जाएगा।
इस बदलाव से बैंकिंग सेक्टर में तकनीकी दक्षता और ग्राहक सुविधा दोनों में सुधार देखने को मिलेगा।

धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम
फास्ट चेक क्लियरेंस सिस्टम के तहत ग्राहकों को अब चेक के महत्वपूर्ण विवरण पहले से बैंक को बताने होंगे। इससे धोखाधड़ी और गलत क्लियरेंस की संभावना कम हो जाएगी।
नई तकनीक के जरिए सिस्टम यह पहचान लेगा कि कौन-सा चेक संदिग्ध है और उसे ऑटोमैटिकली रिजेक्ट किया जा सकेगा। इससे बैंकिंग लेनदेन और सुरक्षित बनेगा।

बैंकों और ग्राहकों दोनों के लिए लाभदायक कदम
यह प्रणाली न केवल ग्राहकों के समय की बचत करेगी बल्कि बैंकिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी आधुनिक बनाएगी।
RBI का मानना है कि इस बदलाव से डिजिटल प्रोसेसिंग, क्लियरिंग स्पीड और फ्रॉड डिटेक्शन में बड़ा सुधार होगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox