यूपीआई ट्रांजेक्शन लिमिट्स में बदलाव: अब हाई-वैल्यू पेमेंट्स होंगे और आसान

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February 25, 2026

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यूपीआई ट्रांजेक्शन लिमिट्स में बदलाव: अब हाई-वैल्यू पेमेंट्स होंगे और आसान

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने हाल ही में घोषणा की है कि 15 सितंबर 2025 से यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन लिमिट्स में बदलाव लागू हो जाएंगे। ये बदलाव खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आए हैं, जो इंश्योरेंस प्रीमियम, कैपिटल मार्केट इन्वेस्टमेंट्स, ट्रैवल बुकिंग्स और सरकारी भुगतान जैसे बड़े लेन-देन करते हैं। अब उन्हें बार-बार छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन करने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, सामान्य दैनिक पेमेंट्स जैसे किराना, कैब या फूड डिलीवरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

बदलाव क्यों किए गए?
NPCI ने अगस्त 2025 में जारी सर्कुलर में इन नियमों की जानकारी दी थी। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल पेमेंट्स को और अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनाना है। जून 2025 में यूपीआई पर करीब 18.4 अरब ट्रांजेक्शन हुए, जिनकी वैल्यू 24.04 लाख करोड़ रुपये थी। ऐसे में सिस्टम पर दबाव कम करने और बड़े भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए यह कदम उठाया गया।

नए नियमों के तहत लिमिट्स

  1. कैपिटल मार्केट इन्वेस्टमेंट्स व इंश्योरेंस प्रीमियम – प्रति ट्रांजेक्शन ₹5 लाख, प्रतिदिन ₹10 लाख।
  2. सरकारी ई-मार्केटप्लेस व टैक्स पेमेंट्स – प्रति ट्रांजेक्शन ₹5 लाख, प्रतिदिन ₹10 लाख।
  3. ट्रैवल बुकिंग्स – प्रति ट्रांजेक्शन ₹5 लाख, प्रतिदिन ₹10 लाख।
  4. क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट्स – प्रति ट्रांजेक्शन ₹5 लाख, प्रतिदिन ₹6 लाख।
  5. ज्वेलरी परचेज – प्रति ट्रांजेक्शन ₹5 लाख, प्रतिदिन ₹6 लाख।
  6. बैंकिंग सर्विसेज (टर्म डिपॉजिट) – प्रति ट्रांजेक्शन ₹5 लाख, प्रतिदिन ₹6 लाख।

आम यूजर्स पर असर

  1. छोटे पेमेंट्स पर कोई असर नहीं: रोज़मर्रा के लेन-देन जैसे ग्रॉसरी, फूड डिलीवरी, कैब या छोटे शॉपिंग ट्रांजेक्शन पहले की तरह ही रहेंगे। सामान्य UPI लिमिट 1 लाख रुपये प्रतिदिन है।
  2. हाई-वैल्यू पेमेंट्स में राहत: अब इंश्योरेंस प्रीमियम, स्टॉक मार्केट निवेश या ट्रैवल बुकिंग्स जैसे पेमेंट्स एक ही ट्रांजेक्शन में बड़े स्तर पर हो सकेंगे। इससे समय और झंझट दोनों बचेंगे।
  3. सुरक्षा पर जोर: NPCI ने सभी यूपीआई ऐप्स (PhonePe, Google Pay, Paytm आदि) को इन नए नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है। अनुपालन न करने पर पेनल्टी लग सकती है।

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