अमेरिका की शर्तों से तना भारत, भारत से माफी मांगने की मांग की

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अमेरिका की शर्तों से तना भारत, भारत से माफी मांगने की मांग की

-ट्रंप सरकार की भारत को धमकी!

वॉशिंगटन/सिमरन मोरया/- अमेरिका के कॉमर्स मिनिस्टर हॉवर्ड लुटनिक ने एक बार फिर भारत को निशाने पर लिया है। लुटनिक ने रूस से तेल खरीद और चीन के करीबी के लिए भारत पर गुस्सा निकाला है। डोनाल्ड ट्रंप के करीबी लुटनिक का कहना है कि भारत और अमेरिका जल्दी ही व्यापार वार्ता के लिए मेज पर आ सकते हैं। हालांकि उन्होंने इसके लिए भारत के सामने कुछ शर्तें रख दी हैं। लुटनिक ने भारत से माफी समेत 4 शर्तों की बात की है।

ब्लूमबर्ग के साथ बातचीत में लुटनिक ने बड़बोलापन दिखाते हुए कहा कि भारत जल्दी ही अमेरिका से माफी मांगेगा। लुटनिक ने कहा कि भारत अगले एक-दो महीनों में वार्ता की मेज पर होगा और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ समझौते की कोशिश करेगा। उन्होंने कहा कि भारत माफी मांगते हुए अमेरिका से व्यापार वार्ता की गुहार लगा सकता है। माफी के अलावा 3 और शर्तों की बात लुटनिक ने की है।

भारत को बाजार खोलना होगा
हॉवर्ड लुटनिक ने भारत के साथ संबंधों में बेहतरी के लिए बाजार खोलने की बात कही है। लुटनिक ने कहा कि अमेरिका ने भारत के लिए अपने बाजार हमेशा खोलकर रखे हैं लेकिन भारत ने ऐसा नहीं किया है। भारत को भी अपना बाजार अमेरिकी सामानों के लिए खोलना होगा। लुटनिक से पहले ट्रंप भी ये कह चुके हैं।
भारत के सामने लुटनिक ने एक और शर्त रूस से संबंधों को सीमित करने की रखी है। उन्होंने कहा कि भारत ने रूस से तेल खरीद हालिया समय में बढ़ी है। ये ठीक नहीं है क्योंकि रूस इसका इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को अमेरिका से अपने संबंध सुधारने के लिए रूस से तेल खरीद बंद करना पड़ेगा।

ब्रिक्स से निकले भारत
लुटनिक ने ब्रिक्स के डॉलर का विकल्प तलाशने और भारत के इस गुट का हिस्सा होने पर भी बात की है। अपनी चौथी शर्त में उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे समय अमेरिका का समर्थन करना चाहिए, जब ब्रिक्स डॉलर के विकल्प तलाश रहा है। उन्होंने साफतौर पर कहा कि भारत को ब्रिक्स से बाहर आना होगा क्योंकि यह गुट अमेरिका विरोधी है।

हॉवर्ड लुटनिक ने इस दौरान कहा, ‘भारत अगर रूस और चीन के बीच ब्रिज बनना चाहता है तो बने लेकिन अमेरिका का समर्थन करें। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव है लेकिन जल्द ही भारत माफी मांगकर राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ बातचीत की टेबल पर आएगा। भारत ट्रंप के साथ नया सौदा करेगा। यह ट्रंप की शर्तों पर होगा। वे प्रधानमंत्री मोदी के साथ इसे फाइनल करेंगे।

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