एक अगस्त से शुरू होगी तीन माह की आवासीय थिएटर कार्यशाला,

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March 4, 2026

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एक अगस्त से शुरू होगी तीन माह की आवासीय थिएटर कार्यशाला,

-ख्यातिप्राप्त रंग निर्देशक जयंत करेंगे निर्देशन

रायपुर/छत्तीसगढ/सुनील चिंचोलकर/- राजधानी रायपुर में रंगमंच की दुनिया में एक नई इबारत लिखने जा रही है। 1 अगस्त 2025 से रायपुर में शुरू हो रही है एक तीन महीने की आवासीय थिएटर कार्यशाला, जिसका निर्देशन देश के ख्यातिप्राप्त रंग निर्देशक जयंत देशमुख करेंगे। यह कार्यशाला थिएटर प्रेमियों, नवोदित कलाकारों और अभिनय में करियर की चाह रखने वाले युवाओं के लिए एक दुर्लभ अवसर साबित हो सकती है। तीन महीनों तक चलने वाली यह कार्यशाला केवल बुनियादी अभिनय प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिभागियों को रंगमंच की व्यावहारिक और सैद्धांतिक बारीकियों में दक्ष बनाया जाएगा।

पहले दो महीनों में थियेटर की तकनीक, अभिनय, शारीरिक अभिव्यक्ति, संवाद अदायगी, मंचीय अनुशासन और चरित्र निर्माण जैसी विधाओं पर केंद्रित प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि तीसरे महीने में प्रतिभागी एक पेशेवर नाट्य-प्रस्तुति में हिस्सा लेंगे, जिसे भविष्य में देशभर में मंचित किए जाने की योजना है। इस कार्यशाला का सबसे बड़ा आकर्षण हैं जयंत देशमुख, जिनका थिएटर और फिल्म दोनों ही क्षेत्रों में चार दशकों का अनुभव है। वे न सिर्फ एक वरिष्ठ रंग निर्देशक हैं, बल्कि फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में प्रोडक्शन डिज़ाइनर और आर्ट डायरेक्टर के रूप में भी अपनी सशक्त पहचान बना चुके हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को रंगमंच का समग्र और गहन दृष्टिकोण प्राप्त होगा।

इस पहल के पीछे हैं पल्लवी शिल्पी और विक्रांत झा, जो गोल्डन फ्रेम अकेडमी ऑफ़ फिल्म आर्ट्स के संस्थापक हैं। यह संस्थान छत्तीसगढ़ में अभिनय, सिनेमा और रंगकर्म के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने के लिए जाना जाता है। संस्था की ओर से बताया गया है कि यह कार्यशाला सिर्फ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक कलाकार को कर्मयोगी में परिवर्तित करने की रचनात्मक यात्रा है। कार्यशाला में सीटें सीमित हैं और शुल्क भी इस तरह से तय किया गया है कि आर्थिक रूप से साधनहीन लेकिन प्रतिभाशाली युवा भी इससे जुड़ सकें। व इच्छुक प्रतिभागी अधिक जानकारी और पंजीयन के लिए 79999 इ 52172 (पल्लवी शिल्पी) पर संपर्क कर सकते हैं।

संस्था की ओर से प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा गया है कि यह कार्यशाला उन्हें कला की असली चमक और रंगमंच के जीवंत अनुभव से रूबरू कराएगी।

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