नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- दिल्लीवालों को इस बार भी राहत नहीं मिली! जिस कृत्रिम बारिश की चर्चा हर तरफ हो रही थी, वो फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है। दिल्ली सरकार और मौसम विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद, अब यह हाईटेक प्लान मानसून के बाद ही परखा जाएगा। राजधानी की दमघोंटू हवा से जूझ रहे लोगों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं।
दिल्ली में वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए वैज्ञानिकों और प्रशासन की टीम ने क्लाउड सीडिंग, यानी कृत्रिम बारिश का ट्रायल करने की योजना बनाई थी। दावा किया गया था कि इससे जहरीली धूल और स्मॉग को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। लेकिन अब खबर आ रही है कि यह महत्वाकांक्षी प्रयोग मानसून के बाद तक टाल दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, मौसम और तकनीकी तैयारियों में कुछ खामियों की वजह से तत्काल ट्रायल करना संभव नहीं था। इसके अलावा, मानसून की सक्रियता के चलते क्लाउड सीडिंग के लिए अनुकूल परिस्थितियां भी नहीं बन पा रहीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के बाद, यानी सितंबर या अक्टूबर में जब मौसम ज्यादा नियंत्रित रहेगा, तब इस ट्रायल को दोबारा शेड्यूल किया जाएगा। दिल्ली सरकार और IIT-कानपुर की टीम इस पूरे मिशन को अंजाम देने के लिए साझेदारी कर रही है।


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