दिनांक 23 जून, 2025 एनएचआरडीएफ मुख्यालय दिल्ली में मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री राजबीर सिंह के मार्गदर्शन में “मशरूम उत्पादन तकनीक एवं सस्योत्तर प्रबंधन पर 05 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमे देश के विभिन्न राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, असम, अरुणाचल प्रदेश एवं दिल्ली से 30 किसानों ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. पी .के . गुप्ता, अवर निदेशक के द्वारा किया गया, उन्होंने प्रतिभागियों को मशरुम के खेती से लाभ और मशरूम के औषधीय महत्व के बारे में किसानों को जागरूक किया, किसानों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण की उपयोगिता पर प्रकाश डाला और कहा कि आप लोग प्रशिक्षण लेकर जो भी खेती/व्यवसाय कर रहे हैं उसमे इस प्रशिक्षण के माध्यम से बहुत फायदा ले सकते हैं उसके लिए आप लोगों को मशरूम की खेती एवं विभिन्न प्रजातियों के बारे में बताया जाएगा। डॉ. शरद तिवारी, सहायक निदेशक ने किसानो को एनएचआरडीएफ की गतिविधियाँ के बारे में जानकारी दिया।

इस प्रशिक्षण के दौरान किसानों को मशरूम के सफल किसानों के यहाँ ले जाकर दिखाया गया कि मशरूम की खेती कैसे हो रही हैं और प्रति किलोग्राम कितना रुपया कमा रहें हैं। मशरूम किसान ने बताया कि मशरूम की माँग दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। आप लोग भी प्रशिक्षण लेकर मशरूम उत्पादन का व्यवसाय कर सकते है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में खाद्य पोषण और आर्थिक सुरक्षा के बारे में भी विस्तार से चर्चा करते हुए खेती से सम्बंधित कुछ विषयों जैसे मशरूम के खेती के महत्व की जानकारी दी। साथ ही खेती के अवशेष पदार्थों (जैसे धान का पुवाल और गेहूं का भूसा) को न जलाकर कैसे सही विधि से उसका निस्तारण करें उसको भी बहुत अच्छे ढंग से बताया। मशरूम उत्पादन विषय पर प्रशिक्षण लेकर किसान एवं बेरोजगार लोग स्वरोजगार अपना कर अपने स्वयं के व्यवसाय के द्वारा अधिक से अधिक आय प्राप्त कर सकते है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्री एस.सी. तिवारी, सहायक निदेशक ने प्रशिक्षणार्थियों को राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में अवगत कराया तथा मशरूम की खेती की उन्नत विधि के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने मशरूम की विभिन्न प्रजातियों, जैसे बटन मशरूम, ढींगरी मशरूम, मिल्की मशरूम, शीटाके मशरूम तथा ऋषि मशरूम की खेती की जानकारी भी विस्तार से दी और साथ ही यह भी बताया कि मशरूम की खेती में कौन–कौन सी समस्याएं आती हैं और उनका निवारण कैसे किया जाता हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को क्षेत्र भ्रमण भी कराया गया।
इस कार्यक्रम का समापन दिनांक 27-03-2025 को श्री राजबीर सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी के द्वारा किया गया और सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण किया गया। और अपने संबोधन में सभी को अपनी तरफ से शुभकामनाएं भी दी। इस समापन समारोह कार्यक्रम में डॉ. रजनीश मिश्रा, संयुक्त निदेशक, श्री मनोज श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक, श्री राहुल डबास, FACAO, श्री संजय सिंह, उप-निदेशक, श्री एस.सी. तिवारी, सहायक निदेशक, श्री सुधीर सिंह, सहायक निदेशक एवं श्री जे. पी. शर्मा भी सम्मिलित हुए।
डॉ. रजनीश मिश्रा


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