नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- दिल्ली हाईकोर्ट ने कनाडा सरकार के हक में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने भारतीय मूल के पूर्व नौकरशाह संजय मदान नाम के एक व्यक्ति से 65.9 करोड़ रुपये वसूलने की अनुमति दे दी है। संजय मदान पहले कनाडा सरकार में काम करते थे। आरोप है कि उन्होंने सरकारी पैसे का गबन किया और उसे अपने खातों में जमा कर दिया।
संजय मदान के वकील ने कोर्ट को बताया कि उनके IndusInd Bank में 38 करोड़ रुपये और RBL Bank में 29 करोड़ रुपये हैं। कनाडा सरकार का कहना है कि मदान ने लगभग 290 करोड़ रुपये का घोटाला किया था। कनाडा सरकार ने आरोप लगाया कि मदान ने कई सालों तक फ्रॉड किया। कनाडा सरकार चाहती है कि मदान ने जो पैसा भारत में भेजा है, उसे वापस लिया जाए। कोर्ट के इस फैसले से कनाडा सरकार को काफी मदद मिलेगी। अब देखना है कि आगे इस मामले में क्या होता है।
संजय मदान पर गंभीर आरोप लगे हैं
कनाडाई प्रशासन के मुताबिक संजय मदान पर गंभीर आरोप लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अपने सीनियरिटी का फायदा उठाकर शिक्षा मंत्रालय में अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने SFP (Support for Families Program) के पेमेंट सिस्टम में हेरफेर किया। आरोप है कि उन्होंने बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर की। ये खाते या तो सीधे उनके थे या उन पर उनका नियंत्रण था। ऐसा करके उन्होंने बहुत सारा पैसा उन बैंक खातों में भेजा जिन पर उनका कंट्रोल था।
मदान ने चयन प्रक्रिया में भी हेराफेरी की कनाडाई सरकार ने यह भी कहा कि मदन ने कनाडाई शिक्षा मंत्रालय के भीतर आईटी सलाहकारों की चयन प्रक्रिया में हेराफेरी करने और कैशबैक योजना के माध्यम से विक्रेताओं से अवैध कमीशन हासिल करने के लिए अन्य अधिकारियों के साथ मिलीभगत की।


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