लॉक डाउन में फिर शुरू हुई पोस्टर बाजी ! इस बार अमेठी में लगे सांसद स्मृति ईरानी के पोस्टर !

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लॉक डाउन में फिर शुरू हुई पोस्टर बाजी ! इस बार अमेठी में लगे सांसद स्मृति ईरानी के पोस्टर !

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/अमेठी/नई दिल्ली/मनोजीत सिंह/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- पोस्टर बाजी भी लोकतंत्र में अपना विरोध जताने का एक सबल तरीका है और भाजपा व कांग्रेस के बीच तो पोस्टर बाजी का युद्ध चलता ही रहा है। कभी अमेठी में राहुल व सोनिया गांधी को लेकर भाजपा कार्यकर्ता पोस्टर लगा कर उन्हे ढूंढ रहे तो अब कांग्रेस पोस्टर वार के तहत अब भाजपा की सांसद स्मृति ईरानी को तलाश रहे हैं। खासकर ऐसी पोस्टर बाजी राजनीतिक क्षेत्र में अधिक दिखाई देती है। ऐसे ही अमेठी की सांसद स्मृति ईरानी के लापता होने के पोस्टर लगे हैं। इस पोस्टर को ऑल इंडिया महिला कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया गया है। जिसमें लिखा है अमेठी ढूंढ रहा है अपनी लापता सांसद स्मृति ईरानी जी को! लापता सांसद से सवाल किये गए हैं पोस्टर में।  
                            अमेठी जो गाँधी परिवार का गढ़ रहा है. कई वर्षों से। राहुल गाँधी इस बार चुनाव हार गए थे अमेठी से। जीत दर्ज की भाजपा के तेज तर्रार नेत्री स्मृति ईरानी ने। अब इसमें लिखा है आपको टिव्टर पर हमने अतांक्षरी खेलते हुए देखा है। आपको एक व्यक्ति को खाना देते हुए देखा है, सांसद बनने के बाद साल भर में महज दो दिन कुछ घंटे आयी। आगे लिखा है हम यह नहीं कहते हैं आप गायब हैं….
लेकिन अमेठी की जनता कोरोना वायरस से त्रस्त हैं। उसको आपकी जरुरत है। ऐसे परेशानी के वक्त अमेठी की जनता को ऐसे निराश्रित छोड़ देना यह दीखता है अभी अमेठी आपके लिए दूर का हब है।
                              क्या आप अमेठी सिर्फ कंधा देने ही आएंगी ? गौतलतब है पिछली बार जब वहां एक भाजपा के  कार्यकर्ता  की हत्या हो गयी थी उस दौरान स्मृति ईरानी गयी थी अंतिम यात्रा में शामिल हुई थी। पोस्टर पॉलिटिक्स भारत में चलती रहती है।  अभी कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश में जबरदस्त पोस्टर बाजी हो गयी थी। भोपाल में ज्योतिरादित्य सिंधिया के पोस्टर लगे थे भोपाल में उनके घर के पास. उनके भाजपा  में शामिल होने के बाद। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके पुत्र के भी पोस्टर लगे थे। भोपाल सांसद साध्य प्रज्ञा ठाकुर के पोस्टर लगे थे। राजनेता हो या कार्यकर्ता या सामाजिक कार्यकर्ता या आम जनता इस तरह पोस्टर बाजी कर के अपने नेता को अलर्ट करती रहती है। ताकि उनका चुना हुआ नेता उनको नहीं भूले। वह नेता या मंत्री क्षेत्र  का दौरा करते रहे। कार्यकर्ताओं की बात सुनते रहे. क्षेत्र में काम करते रहे. बाकी विरोधी पक्ष के भी इस तरीके के पोस्टर बाजी करके अपना विरोध दर्ज कराते रहते हैं और इस तरफ की पोस्टर बाजी कर के वे अपना मौका भी नहीं खोना चाहते हैं। कई जगह तो ईनाम तक घोषित कर दिया जाता है। मध्य  प्रदेश में पोस्टर बाजी हुई तो ईनाम तक  पोस्टर में रखा हुआ था। नेता जी के बारे में कोई जानकारी देगा तो इतना ईनाम दिया जायेगा करके। हालाँकि इस मामले में पुलिस के पास मामला भी दर्ज हुआ था। सम्बंधित ब्यक्ति या ब्यक्तियों को भी हिरासत में लिया गया था। पोस्टर जिसने भी लगाए हों, लेकिन विरोध का यह भी एक तरीका देखने को मिल रहा है राजनीतिक दलों की तरफ से। लेकिन पोस्टर बाजी भारत में काफी देखने को मिल ही जाती है।

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