राजा की हत्या में ‘11’ का रहस्य: सगाई, शादी और मौत

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राजा की हत्या में ‘11’ का रहस्य: सगाई, शादी और मौत

-सोनम पर शक की सुई घूमी, क्या यह महज़ संयोग है या रची गई साजिश?

इंदौर/सिमरन मोरया/- देश के सबसे साफ शहर के तौर पर अपनी पहचान रखने वाला इंदौर इन दिनों दुनियाभर की खबरों में है। वजह, शहर की साफ सड़कें नहीं, बल्कि उन सड़कों पर बेचैन कर देने वाला वो सन्नाटा है, जिसमें राजा रघुवंशी की खामोश कहानी गूंज रही है। 11 मई को जब इसी इंदौर में राजा रघुवंशी के ब्याह की शहनाई गूंज रही थी, तब किसी को आहट तक नहीं थी कि उसकी होने वाली दुल्हन ही उसे मार देगी। वो बड़े अरमानों से सोनम को अपनी दुल्हन बनाकर घर लाया था, लेकिन उसी सोनम ने राजा और उसके अरमानों को गहरी खाई में मौत की नींद सुला दिया।

सोनम की साजिश बहुत गहरी थी। अपने पति राजा की हत्या के लिए उसने मौत की बिसात पर एक-एक चाल पूरी तैयारी के साथ चली। अगर मेघालय पुलिस को वो गाइड ना मिलता, जिसने सोनम की साजिश के उन तीन किरदारों को देखा था, जो राजा के आसपास मौत बनकर मंडरा रहे थे, तो शायद वो अपने मंसूबे में पूरी तरह कामयाब हो जाती। इस बीच सोनम की साजिश में 11 नंबर का भी एक कनेक्शन उभरकर सामने आया है।

सगाई के लिए 11 फरवरी का दिन
रामनवमी पर मिलने के बाद अक्टूबर 2024 में राजा रघुवंशी और सोनम के परिवार ने आपसी सहमति के साथ दोनों की शादी पक्की कर दी थी। सगाई के लिए 11 फरवरी का दिन चुना गया। तय मुहूर्त पर सगाई हुई और सोनम ने किसी को शक नहीं होने दिया कि उसके दिल में कौन सा षडयंत्र चल रहा है। मेहमानों के सामने उसके चेहरे पर एक बनावटी खुशी थी लेकिन उसी चेहरे के पीछ एक खौफनाक कहानी भी बुनी जा रही थी। राजा रघुवंशी के लिए दुल्हन और परिवार में नई बहू आने का खुशनुमा माहौल था। ठीक तीन महीने बाद शादी की तारीख यानी 11 मई थी। शादी के कार्ड, दुल्हन के कपड़े, ज्वेलरी, बैंड-बाजा और ना जाने कितने ही ऐसे काम थे, जिनकी तैयारियों में पूरा परिवार जुटा हुआ था। बीच में होली आई और राजा की मां अपनी होने वाली बहू के लिए तोहफे लेकर उसके घर भी गई।

11 मई को राजा की दुल्हन बनी सोनम
इसके बाद आई 11 मई की तारीख, जब राजा ने सोनम के गले में मंगलसूत्र बांधा। अग्नि को साक्षी मानकर राजा ने वचन दिया कि वो हर तरह से सोनम का ध्यान रखेगा, हालात कैसे भी हों वो हमेशा उसे खुश रखेगा। उसे क्या मालूम था कि शादी के उस मंडप में वह अपनी अर्धांगिनी के साथ नहीं, बल्कि साक्षात अपनी मौत के साथ सात फेरे ले रहा है। 12 मई की सुबह दुल्हन सोनम ने राजा रघुवंशी के घर में कदम रखे। सोनम ने पहले ही राजा की मौत का प्लान तैयार कर लिया था। 12 और 13 मई को वह ससुराल में ही रही। मेहमानों के बीच उसका एक अलग ही रूप नजर आया। वो सबसे घुलमिल रही थी, जैसे ना जाने कबसे इस परिवार को जानती हो। 14 मई को उसके परिवार के लोग आए और सोनम मायके आ गई। यहां उसने अपनी साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए बची हुई तैयारियां पूरी कीं।

11 दिन बाद राजा को दी दर्दनाक मौत
राजा को बिना बताए मेघालय के टिकट बुक किए गए। सोनम ने उससे जिद की, कि राजा अपनी सोने की चेन, अंगूठी और ब्रेसलेट पहनकर चले। प्लान था उसकी हत्या को लूट की तरह दिखाने का। 20 मई को वह राजा से सीधे एयरपोर्ट पर ही मिली और दोनों गुवाहाटी के लिए रवाना हो गए। और.. शादी के ठीक 11 दिन बाद 23 मई को सोनम ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी। क्या यह महज एक संयोग था या फिर कुछ और?

क्या सोनम ने लिया था तंत्र-मंत्र का सहारा
इस बारे में सोनम पर शक उस वक्त और ज्यादा बढ़ गया, जब राजा रघुवंशी के पति ने बताया कि वह तंत्र-मंत्र में विश्वास रखती थी। सोमवार को राजा की तेरहवीं का कार्यक्रम होने के बाद उनके पिता अशोक रघुवंशी ने कहा कि उन्हें शक है कि सोनम ने राजा की हत्या में तंत्र-मंत्र का भी इस्तेमाल किया था। उन्होंने बताया कि सोनम ने राजा से हमारे घर के मेन गेट पर एक पोटलीनुमा चीज टंगवाई थी और कहा था कि इससे परिवार बुरी नजर से बचा रहेगा। राजा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार की गई सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाहा ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस को वह हथियार भी मिल चुका है, जिससे राजा की जान ली गई। अब पुलिस इन सभी आरोपियों के साथ क्राइम सीन दोहरानी की तैयारी कर रही है। ताकि, ये सामने आ सके कि कैसे सोनम ने राजा की हत्या की पूरी वारदात को अंजाम दिया।

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