देहरादून/अनीशा चौहान/- उत्तराखंड सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए राज्य के मदरसों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। अब राज्य के पंजीकृत 451 मदरसों में पढ़ने वाले 50 हज़ार से अधिक छात्र-छात्राएँ भारतीय सेना के इस साहसिक अभियान की वीरगाथा से रूबरू होंगे।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सेना की वह कार्रवाई है, जिसमें पाकिस्तान की कायराना हरकत का करारा जवाब दिया गया था। इस ऑपरेशन के ज़रिए सेना ने दुश्मन को न केवल मुँहतोड़ जवाब दिया, बल्कि देश की सीमाओं की रक्षा का गौरवपूर्ण उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सेना के शौर्य और पराक्रम को जानना हर वर्ग, विशेष रूप से युवा पीढ़ी के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे देश की सैन्य शक्ति और वीरता से परिचित हों। इससे उनमें राष्ट्र के प्रति गर्व और आत्मविश्वास पैदा होगा।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और दूरदृष्टि के कारण अब भारत की ओर आँख उठाकर देखने वालों का नामो-निशान मिटा दिया जाएगा।
उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के इस निर्णय का उद्देश्य छात्रों में देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है, ताकि वे भी देश के निर्माण और सुरक्षा में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
यह कदम न केवल शैक्षिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में भी अग्रसर है।


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