राहुल गांधी ने रचा इतिहास, लाल चौक पर दूसरे कांग्रेसी नेता ने फहराया तिरंगा,

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August 25, 2026

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राहुल गांधी ने रचा इतिहास, लाल चौक पर दूसरे कांग्रेसी नेता ने फहराया तिरंगा,

-विजयी विश्व तिरंगा प्यारा...की गूंज से गूंजा लाल चौक

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/श्रीनगर/शिव कुमार यादव/- भारत जोड़ो यात्रा देश में अपने अंतिम चरण में है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पूरे देश में 4080 किलोमीटर की यात्रा कर जम्मू-कश्मीर में पंहुचे है और एक बड़ा जनसैलाब भी उनके साथ चल रहा है। हालांकि भारत जोड़ो यात्रा को लेकर विपक्षी पार्टियां राहुल गांधी पर हमलावर होती रही है। लेकिन कांग्रेस में राहुल गांधी ही ऐसे दूसरे नेता है जिन्होने श्रीनगर के लालचौक पर तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया है। आपको बता दें की 75 साल पहले, भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने लाल चौक पर पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। जब राहुल गांधी लाल चौक पर तिरंगा लहरा रहे थे तो लाल चौक पर विजयी विश्व तिरंगा प्यारा का गीत-संगीत गूंज रहा था जिससे पूरे कश्मीर की फिजा ही बदल गई।
             रविवार दोपहर को राहुल गांधी ने लाल चौक पर तिरंगा फहराया। इस दौरान विजयी विश्व तिरंगा प्यारा से श्रीनगर गूंज उठा। आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। पदयात्रा सुबह पंथा चौक से शुरू हुई जो श्रीनगर शहर के बुलेवार्ड रोड पर नेहरू पार्क के पास समाप्त होगी।
              तीस जनवरी को एस के स्टेडियम में सार्वजनिक रैली की जाएगी। इसमें 23 विपक्षी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया है। इसके बाद यात्रा का समापन होगा। इससे पहले सुरक्षा में चूक के घटनाक्रम के बाद शनिवार को तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बीच चुरसू गांव अवंतिपोरा से यात्रा बहाल हुई।
              इसके बाद यात्रा बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल गैलेंडर पांपोर से होते हुए पंथा चौक पर पहुंची। पुलवामा से पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती और पार्टी से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राहुल के साथ यात्रा में शामिल हुए। इसके अलावा पुलवामा में ही प्रियंका गांधी भी शामिल हुईं।

श्रीनगर में प्रियंका गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा कश्मीर में ताजी हवा की सांस की तरह है, क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को 2019 के बाद पहली बार घरों से बाहर निकलने का मौका मिला है। केंद्र सरकार ने पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त किया था और उसके बाद इतनी बड़ी संख्या में लोगों को बाहर नहीं आने दिया गया।
                राहुल के साथ चलना एक शानदार अनुभव था। यह बात महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट के जरिये कही। भारत जोड़ो यात्रा के लिए पहले से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा बलों की ओर से यात्रा के शुरुआती बिंदु तक जाने वाली सभी सड़कों को सील कर दिया गया था। केवल अधिकृत वाहनों और पत्रकारों को ही यात्रा स्थल तक जाने की अनुमति दी गई। राहुल गांधी के चारों ओर तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा रहा। दक्षिण कश्मीर के चुरसू इलाके में उत्साही समर्थकों ने यात्रा का स्वागत किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक तिरंगे व पार्टी के झंडे लेकर यात्रा में शामिल हुए। राहुल गांधी ने सफेद रंग की टी-शर्ट और स्लीवलेस जैकेट में में पदयात्रा शुरू की।

भाजपा से मुकाबले को कांग्रेस विपक्षी गठबंधन का आधार बने : जयराम
कांग्रेस के महासचिव व भारत जोड़ो यात्रा के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस को 2024 के आम चुनावों में भाजपा का मुकाबला करने के लिए किसी भी विपक्षी गठबंधन का आधार बनना होगा, क्योंकि कांग्रेस ही एकमात्र बड़ी विपक्षी पार्टी है। उन्होंने कहा कि वह निश्चित रूप से इस साल गुजरात के पोरबंदर से अरुणाचल प्रदेश के परशुराम कुंड तक एक और यात्रा करने के पीछे अपना वजन डालेंगे, लेकिन पार्टी को अंततः इस पर फैसला करना है। रमेश ने दावा किया कि भाजपा भले ही सत्ता में हो सकती है, लेकिन उपस्थिति के मामले में कांग्रेस एकमात्र राष्ट्रीय राजनीतिक ताकत है।
                राहुल गांधी का मुख्य संदेश हमेशा पहले संगठन का निर्माण करना रहा है और सत्ता बाद में आएगी। भारत जोड़ो यात्रा के साथ, इस (संगठनात्मक जीवन शक्ति) को बढ़ावा और गति मिली है, लेकिन इसे बनाए रखना होगा। वर्ष 1983 में चंद्रशेखर ने कन्याकुमारी से दिल्ली तक तीन हजार किमी. की भारत यात्रा निकाली थी, जिसके बाद देश में इतनी बड़ी राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो यात्रा निकाली गई है। इसमें सभी समान सोच वाले दल शामिल हुए हैं। जिसमें नेकां, पीडीपी, डोगरा स्वाभिमान संगठन, अवामी नेशनल कान्फ्रेंस, शिवसेना, जेडीयू, एनसीपी आदि शामिल हुए।
                जयराम रमेश ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि पार्टी के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद ’’मीर जाफर’’ बनेंगे। जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करके चुनाव कराए जाएं। उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के असदुद्दीन ओवैसी और आम आदमी पार्टी (आप) की सूची में अन्य लोगों के साथ वोटों को विभाजित करने की भाजपा की योजना के तहत डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी (डीएपी) के प्रमुख गुलाम नबी आजाद को सूचीबद्ध किया। कांग्रेस से उनका जाना वोट काटने के लिए मोदी-शाह की गेम-प्लान का हिस्सा था। यह पूछे जाने पर कि क्या आजाद अपने डीएपी से कांग्रेस की संभावनाओं में सेंध लगाएंगे, रमेश ने कहा कि ज्यादातर कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता जो आजाद के साथ चले गए थे, पार्टी में लौट आए हैं।

4080 किमी यात्रा पूरी होने का दावा
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि शनिवार को भारत जोड़ो यात्रा का 134वां दिन था। रविवार को यात्रा करीब 4080 किलोमीटर का सफर पूरा कर लेगी। इसके अगले दिन 30 जनवरी की सुबह 10 बजे श्रीनगर पीसीसी मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 11.30 बजे से 1 बजे तक शेर-ए-कश्मीर मैदान श्रीनगर में रैली होगी। यात्रा को संपन्न होने में 136 दिन लगेंगे। इस बीच यात्रा को दिल्ली में 9 दिन ब्रेक दिया गया था। यात्रा तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, फिर हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर में पहुंची। यात्रा में 75 जिले कवर किए गए। इसमें 116 दिन पदयात्रा हुई। इसमें रोजाना औसतन 23-24 किमी की पदयात्रा की गई। रविवार को श्रीनगर में दोपहर तीन बजे राहुल गांधी प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे।

कश्मीर में यात्रा को अच्छी प्रतिक्रिया मिली : उमर
नेकां के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राहुल गांधी की अगुवाई वाली भारत जोड़ो यात्रा को कश्मीर में अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। लेकिन टीवी मीडिया और कश्मीर विशेषज्ञ इस बारे में चुप हैं। चैनल वास्तव में इसके बारे में बात नहीं करना चाहते हैं। यात्रा को कश्मीरियों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। हर वर्ग के लोग सड़कों पर खड़े रहकर यात्रा का स्वागत कर रहे हैं। सबसे स्पष्ट चुप्पी उन कश्मीर विशेषज्ञों की है, जो कश्मीरियों को राष्ट्र-विरोधी, सांप्रदायिक, असहिष्णु के रूप में चित्रित करने का कोई अवसर नहीं गंवाते हैं।

पुलवामा हमले के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी लेथपोरा में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं। शनिवार को करीब 14 किलोमीटर यात्रा चली। वह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राहुल गांधी के साथ-साथ चलीं। राहुल ने लेथपोरा में पुलवामा आत्मघाती कार बम हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के 40 जवानों को श्रद्धांजलि दी।

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