लंदन/- ब्रिटेन की लंदन हाईकोर्ट ने नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के आवेदन को खारिज कर दिया। लंदन में उच्च न्यायालय ने गुरुवार को हीरा व्यापारी नीरव मोदी के धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना करने के लिए भारत में अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ सर्वाेच्च न्यायालय में अपील करने के आवेदन को खारिज कर दिया है। उच्च न्यायालय ने नौ नवंबर को उसके भारत प्रत्यर्पण को हरी झंडी दे दी थी।
हाईकोर्ट ने खारिज की थी नीरव की दलीलें
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के जज ने माना कि उसने अपनी अपील में जिन बातों का जिक्र किया है वो सभी गैर जरूरी हैं। कोर्ट ने माना था कि उसको भारत भेजने में उसके आत्महत्या किए जाने का कोई जोखिम नहीं है। कोर्ट ने उसकी अपील में कही गई उन बातों को भी खारिज कर दिया था कि उसको भारत भेजना अन्यायपूर्ण होगा। कोर्ट का कहना था कि बेहतर है कि उसको कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए भारत भेज दिया जाना चाहिए। बता दें कि नीरव मोदी पीएनबी घोटाले का प्रमुख अभियुक्त है और उस पर बैंक के 2 अरब डालर के बैंक घोटाले का आरोप है। नीरव मोदी लंदन की वांडसवर्थ जेल में सलाखों के पीछे है।
देश का सबसे बड़ा बैंक घोटाला
देश में पीएनबी घोटाला वर्ष 2018 में सामने आया था। 114 अरब रुपये के इस घोटाले ने देश की अर्थव्यवस्था को हिला दिया था। पीएनबी का आरोप था कि अरबपति ज्वेलरी डिजाइनर नीरव मोदी ने बैंक की मुंबई स्थित एक शाखा से फर्जी तरीके से शपथ पत्र हासिल कर अन्य भारतीय बैंकों से विदेशों में पैसा लिया है। ये देश का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला भी था। इस मामले में पीएनबी ने कार्रवाई करते हुए अपने दस अधिकारियों को निलंबित कर दिया था और इसकी जांच सीबीआई को सौंपने की अपील की थी। इस घोटाले की खबर से पीएनबी के शेयरों में करीब दस फीसदी की गिरावट आई थी और निवेशकों के करीब 4000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था।


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