छत्तीसगढ़/सिमरन मोरया/- छत्तीसगढ़ के वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर विस्फोट में अब तक 14 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 34 मजदूर झुलस गए हैं। इनमें से 5 मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने कंपनी और प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
पार्टी अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी का नतीजा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ छोटे कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराकर मामले को खत्म नहीं किया जाना चाहिए। इस घटना के लिए उन बड़े अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, जो कंपनी के फैसले लेते हैं।
अमित जोगी की मांग:
अमित जोगी ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराई जाए। उन्होंने कहा कि हादसे के दोषियों पर सख्त आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये और घायलों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। अमित जोगी ने कहा कि कंपनी की ओर से घोषित 35-35 लाख रुपये और नौकरी देने की बात पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी इंसान की जान की कीमत इससे कहीं ज्यादा होती है।
इस घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए अमित जोगी ने 7 सदस्यीय जांच समिति का गठन भी किया है। यह समिति एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। समिति में सुशील निर्मलकर को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा संतोषी रात्रे, नवीन अग्रवाल, अर्जुन राठौर, प्रशांत त्रिपाठी, आशीष सुमेर और प्रिंकल दास को सदस्य बनाया गया है।
यह समिति हादसे के कारणों, प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था और पीड़ित परिवारों को मिली मदद की जांच करेगी। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष को सौंपेगी।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने कहा है कि श्रमिकों की जान के साथ लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्टी ने कहा कि इस हादसे के जिम्मेदार लोगों को हर हाल में कानून के सामने लाया जाएगा।


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