दिल्ली में डेंगू के मामलों में उछाल, छह साल में मिले सबसे ज्यादा मामले

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दिल्ली में डेंगू के मामलों में उछाल, छह साल में मिले सबसे ज्यादा मामले

-नगर निगम पहले स्थिति संभालने में रहा नाकाम, अब जागा विभाग, शुरू हुई फॉगिंग व जुर्माने की कार्यवाही

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली में इस वर्ष डेंगू के मामले पिछले छह साल में सर्वाधिक हैं। मानसून में होने वाले जलभराव की वजह से मच्छरों की उत्पत्ति और बढ़ रही है। वहीं, निगम मामलों की रोकथाम करने में असफल साबित हो रहा है। इस वर्ष जनवरी से लेकर दो जुलाई तक राजधानी में डेंगू के 143 मामले आ चुके हैं। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि डेंगू से अब तक किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। उनका कहना है कि डेंगू के मामले रोकने के लिए इंतजाम और जुर्माने की कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
              दिल्ली नगर निगम घरों में डेंगू का मच्छर पाए जाने पर 100 से 500 रुपये का चालान करता है। लेकिन, अभी घरों पर यह कार्रवाई कम की जा रही है। निगम का कहना है कि इन दिनों निर्माण स्थलों पर कड़ा रुख अपनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है इस सख्त कार्रवाई के तहत कड़कड़डूमा में पीएनएससी कंस्ट्रक्शन कंपनी का एक लाख रुपये का चालान किया गया है। साथ ही कड़कड़डूमा इंस्टीटयूशनल एरिया में मच्छरों का प्रजनन पाए जाने पर एस.ए.एम.बिल्डवेल की ओर से संचालित निर्माण स्थल पर मच्छरों का प्रजनन पाए जाने पर 50 हजार रुपये का चालान किया गया है। अभिलाषा एंटरप्राइजेज का 10 हजार रुपये का चालान किया गया।

-निगम स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए 116 जलाशयों में गंबूजिया, लार्वाबोरस मछलियां छोड़ी गई हैं।
-निगम के करीब 175 से अधिक स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां डेंगू के अधिक मामले पाए गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि जिन वार्ड में डेंगू के मामले अधिक पाए गए वहां फॉगिंग कराई गई है।
-मानसून के दिनों में मच्छरों की अधिक उत्पत्ति होने की संभावना रहती है, इसलिए जहां जलभराव हो रहा है वहां दवा का छिड़काव कराया जाता है।
-डीबीसी कर्मचारी घर-घर जाकर लार्वा की जांच करते हैं, जहां यह पाया जाता है वहां दवा का छिड़काव कर उसे नष्ट किया जाता है।
-जलजनित बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए वार्ड स्तर पर जागरूकता अभियान शुरू किया गया है।
-जुलाई में उत्तर रेलवे के सहयोग से मास्क्यूटो टर्मिनेटर ट्रेन से दवा का छिड़काव कराया जाएगा। यह लाइन के आसपास की झुग्गी बस्ती में कराया जाएगा।
-05 लाख 81 हजार 772 घरों में मच्छरमार दवाई का छिड़काव किया गया
-01 करोड़ 52 लाख से अधिक घरों का निरीक्षण किया गया
-40 हजार से अधिक घरों में लार्वा मच्छर पाए गए और उनको नष्ट किया गया
-9700 चालान किया जा चुके हैं अब तक

हर साल डेंगू के मामले
-वर्ष 2022 — 143 मामले
-वर्ष 2021 —  36 मामले
-वर्ष 2020 —  20मामले
-वर्ष 2109 —  26 मामले
-वर्ष 2018 — 33 मामले
-वर्ष 2017 — 60 मामले
(एक जनवरी से दो जुलाई 2022 तक)
                 आपके घर और आसपास बीमारी फैलाने वाले मच्छरों का लार्वा पाए जाने पर आपको मोटा जुर्माना भरना पड़ सकता है। उच्च न्यायालय के निर्देश पर दिल्ली सरकार जुर्माने की रकम बढ़ाने पर विचार कर रही है। न्यायालय ने 27 मई को सरकार को मच्छरों के प्रजनन को रोकने के उपायों के तौर पर कानून में संशोधन करने और जुर्माने की मौजूदा रकम 500 रुपये को बढ़ाकर 50 हजार रुपये तक करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने का आदेश दिया था। साथ ही मौके पर चालान करने का प्रावधान भी करने को कहा था। सभी के प्रस्तावों और न्याय मित्र के सुझाव के बाद न्यायालय ने यह आदेश दिया।
              नई दिल्ली पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने न्यायालय से कहा कि लार्वा मिलने पर जुर्माने की मौजूदा रकम 500 रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने पर विचार कर रहे हैं। साथ ही कहा कि दोषी पाए जाने पर मौके पर जुर्माना लगाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
              दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए वकील सत्यकाम ने पीठ को बताया था कि मौजूदा जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये करने का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है।
              नगर निगम ने न्यायालय को बताया था कि जुर्माने की रकम 500 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये तक करने का प्रस्ताव किया था, लेकिन मौके पर जुर्माना लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं किया था।

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