द्वारका स्पेशल स्टाफ ने नीरज बवानिया गैंग के शार्प शूटर को किया गिरफ्तार

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द्वारका स्पेशल स्टाफ ने नीरज बवानिया गैंग के शार्प शूटर को किया गिरफ्तार

-आरोपी उत्त्मनगर थाने का भगौड़ा बीसी, आरोपी से एक पिस्तौल व तीन जिंदा कारतूस बरामद किये -आरोपी एक हत्या व तीन हत्या की कोशिश के मामलों में है वांछित

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/शिव कुमार यादव/- नीरज बवानिया गैग का इलाके में दबदबा कायम करने के लिऐ आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। लेकिन द्वारका स्पेशल स्टाफ पुलिस ने आरोपी को पकड़ कर उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस ने कई मामलों को सुलझाने का दावा किया है जबकि आरोपी हत्या व हत्या की कोशिश के 5 मामलों में वांछित था। पुलिस ने आरोपी से एक पिस्तौल व 3 जिंदा कारतूस बरामद किये है। पुलिस आरोपी आतिश उर्फ लाला से पूछताछ कर रही है।
                  इस संबंध में डीसीपी द्वारका एम हर्षवर्धन ने बताया कि एक गुप्त सूचना मिली थी कि नीरज बवानिया गैंग का एक कुख्यात शूटर इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए हथियार के साथ घूम रहा है। एसीपी विजय कुमार यादव ने सूचना पर तुरंत संज्ञान लेते हुए स्पेशल स्टाफ के इंस्पैक्टर नवीन कुमार के नेतृत्व में एसआई बहादुर सिंह, एसआई बिजेंद्र सिंह, एचसी विपिन, एचसी संदीप, एचसी अश्विनी और एचसी प्रवीण की एक टीम का गठन किया गया। उन्होने आरोपी को पकड़ने के लिए पूरा समय टीम का मार्गदर्शन किया और आरोपी आतिश उर्फ लाला को पकड़ने में टीम ने सफलता प्राप्त की। आरोपी लाला हत्या, हत्या के प्रयास और सार्वजनिक फायरिंग के कई मामलों में शामिल था। वह अपने गैंग लीडर के निर्देश पर किसी घटना को अंजाम देने वाला था जिसे टीम की सतर्कता ने टाल दिया। आरोपी छावला थाना क्षेत्र में घूम रहा था जिसे पुलिस ने गोयला से दबोच लिया।
                 पुलिस ने बताया कि आरोपित आतिश उर्फ लाला पुत्र आमिल निवासी बी-252, जेजे कॉलोनी उत्तम नगर का रहने वाला है। उसने 8वीं तक पढ़ाई की है। पीएस रणहोला में हत्या के प्रयास के मामले में पहली बार उसे गिरफ्तार किया गया था। जेल के दौरान वह नीरज बवानिया गिरोह के सदस्यों के संपर्क में आया था। जेल से छूटने के बाद उसने प्रदीप सांसी की हत्या कर दी क्योंकि प्रदीप ने उसके भाई की हत्या कर दी थी। इस मामले में वह फरार चल रहा था। उसने जबरन वसूली आदि के लिए लोगों को आतंकित करने के लिए फायरिंग की कई घटनाओं को अंजाम दिया।
-उसने करोल बाग में एक कारोबारी पर फायरिंग की, उन्होंने एफआईआर नंबर 651/22 यू/एस 336 आईपीसी 25/27 आर्म्स एक्ट पीएस करोल बाग के तहत रंगदारी की मांग की थी।
-आरोपी आतिश के भाई फिरोज की प्रदीप सांसी और उसके परिवार ने कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी। बदला लेने के लिए उसने एफआईआर नंबर 1005/22 यू/एस 302 आईपीसी पीएस उत्तम नगर के तहत प्रदीप सांसी की हत्या कर दी।
– अपने गिरोह के सदस्य सनी यशवंत के निर्देश पर, उसने साजिद के साथ गुलाबीबाग में एफआईआर संख्या 118/22 यू/एस 307/34 आईपीसी और 27/54 ए.ए.टी. पीएस गुलाबीबाग के तहत एक व्यक्ति पर गोली चलाई।
-डीसीपी ने बताया कि उसने दीपक के साथ पीएस रणहोला के नीरज माखनवाला पर एफआईआर नंबर 876/22 यू/एस 307/34 आईपीसी और 27/54 ए.ए.टी. पीएस रणहोला के तहत फायरिंग की।
-उसने करण, विक्की और दो अन्य सहयोगियों के साथ एफआईआर नंबर 326/22 यू/एस 307/34 आईपीसी और 27/54 ए.एसीटी पीएस उत्तम नगर के तहत एक टोसिफ (सद्दाम गौरी के भाई) पर फायरिंग की।

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