नॉर्थ जिला साइबर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश, 4 सदस्य गिरफ्तार

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नॉर्थ जिला साइबर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश, 4 सदस्य गिरफ्तार

-आरोपी फर्जी वेबसाइट और टोल फ्री नंबर बनाकर क्रेडिट कार्ड, रिवॉर्ड प्वॉइंट और अन्य सेवाओं का लालच दे करते थे ठगी - पुलिस ने 50 लाख की धोखाधड़ी का किया खुलासा, आरोपियों से 1.5 लाख रुपये नकद, 22 मोबाइल फोन व 103 सिम कार्ड किये बरामद

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नॉर्थ जिला दिल्ली/शिव कुमार यादव/– नॉर्थ जिला साइबर पुलिस ने क्रेडिट कार्ड रिवार्ड पॉइंट्स को भुनाने के बहाने भोले-भाले लोगों को ठगने वाले एक अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के 4 सदस्यों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी एक निजी बैंक की फर्जी वेबसाइट बनाकर इंडियाल्स ऐप के जरिए कॉल करते थे और ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड का विवरण भरने के लिए राजी कर उन्हें बैंक की फर्जी वेबसाइटों के लिंक भेजकर ठगी करते थे। पुलिस ने आरोपियों से साइबर धोखाधड़ी से ठगे के 50 लाख रूपयों की धोखाधड़ी का खुलासा किया है तथा 1.5 लाख रुपये नकद, 22 मोबाइल फोन व 103 सिम कार्ड बरामद किये हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि और मामलों का खुलासा हो सके।
                  इस संबंध में नॉर्थ जिला डीसीपी सागर सिंह कलसी ने बताया कि आरोपी बहुत ही शातिर तरीके से अपने कार्य को अंजाम देते थे। आरोपी एक बार पीड़ित को फंसाने के बाद फर्जी वेबसाइट लिंक से उसके खाते का पूरा विवरण मेल आईडी पर प्राप्त कर लेते थे। वो फर्जी वाड़े के लिए विभिन्न बैंक खातों और वॉलेट में पैसे के लेन-देन के लिए वेबसाइट और कॉलिंग से एकत्र किए गए डेटा का उपयोग करते थे। आरोपियों में से एक फैजान नामक गिरोह के सदस्य ने ग्राहकों को बुलाने के लिए रामपुर (यूपी) में आधार बनाया था।
              साइबर सेल को एमएचए साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायतकर्ता सुभाष निवासी किशनगंज दिल्ली ने शिकायत दी थी कि उसे एक फोन आया था जो कह रहा था कि वह क्रेडिट कार्ड के केयर एक्जीक्यूटिव बोल रहा है। उसने कहा कि उनके क्रेडिट कार्ड पर एक सेवा सक्रिय थी और उस सेवा के लिए भुगतान 2,400/- रुपये है। शिकायतकर्ता ने टेली-कॉलर से उस सेवा को रोकने का अनुरोध किया जिसके बाद शिकायतकर्ता को एक लिंक मिला जिसमें उसे अपने कार्ड का विवरण भरने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद उसके क्रेडिट कार्ड से 37,420 रुपये काट लिए गए।
                इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसीपी ऑपरेशन स्वागत राजकुमार व एसएचओ पवन तोमर ने एसआई रोहित सारस्वत के नेतृत्व में पीएस साइबर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की एक समर्पित टीम, जिसमें एसआई प्रेम प्रकाश, एसआई रंजीत, एसआई गुमान सिंह, एसआई राजू, एचसी अर्जुन, एचसी विपिन, एचसी कालूराम और एचसी संदीप की टीम का गठन किया और साइबर जालसाजों को पकड़ने के निर्देश दिये। टीम ने पहले शिकायत पर मामला दर्ज किया और फिर जांच शुरू की। पुलिस ने कॉल डिटेल्स व पैसे के लेन-देन की बारीकी से जांच की तो पता चला कि आरोपी पश्चिमी दिल्ली के विभिन्न स्थानों से काम कर रहे थे। इसके बाद छापेमारी की गई और एक आरोपी आशीष, आयु-23 वर्ष, निवासी जिला उन्नाव, उत्तर प्रदेश को मोहन गार्डन उत्तम नगर, दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। आगे की जांच के दौरान, सह-आरोपी अंकित, उम्र-26 वर्ष, जो गुड़गांव हरियाणा से रैकेट संचालित कर रहा था और पैसे को संभाल रहा था, उसी दिन गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, अंकित की पहचान पर, उनके सहयोगी हिमांशु उम्र -28 वर्ष, जो दिल्ली क्षेत्र के उत्तम नगर इलाके में अंकित के लिए पैसे का प्रबंधन कर रहा था और ठगी के पैसे का भुगतान कर रहा था, उसे भी 12 जून को ही गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अंकित के कहने पर 13 जून को उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी फैजान, उम्र-24 वर्ष निवासी क्रेडिट कार्ड रिडीम प्वाइंट के नाम पर पीड़ितों को फोन करने वाले को भी गिरफ्तार किया गया। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों से कुल 22 मोबाइल फोन, 103 सिम कार्ड,  1.5 लाख रूपये नकद बरामद किए गए और 53 बैंक खाते और 10 यूपीआई आईडी भी आरोपी व्यक्तियों से जुड़े पाए गए। डीसीपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है।

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