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शिक्षक की पहली अनिवार्य योग्यता है त्याग की भावना“- हिमांशु गुप्ता

-कर्तव्य बोध दिवस पर दिल्ली अध्यापक परिषद ने किया ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- दिल्ली अध्यापक परिषद द्वारा आयोजित कर्तव्य बोध दिवस कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए दिल्ली के शिक्षा निदेशक हिमांशु गुप्ता ने कहा कि शिक्षक की पहली अनिवार्य योग्यता है उसमें त्याग की भावना होना। ऑनलाइन आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन दिल्ली अध्यापक परिषद के महामंत्री राजेश पालीवाल ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। श्रीमती इंदू राठी ने सरस्वती वंदना द्वारा सभी का मन मोह लिया। वहीं दिल्ली अध्यापक परिषद के कोषाध्यक्ष नरेश कुमार शर्मा ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया। दिल्ली के शिक्षा निदेशक हिमांशु गुप्ता ने कहा कि संविधान ने हमें अधिकार और कर्तव्य दोनों दिए हैं। यदि सभी अपने कर्तव्य का ध्यान रखें तो अधिकार तो स्वतः ही मिल जाता है। शिक्षा निदेशक ने कोरोना से निपटने में शिक्षकों की भूमिका, निष्ठा, समर्पण की प्रशंसा की और दिल्ली अध्यापक परिषद को ’कर्तव्य बोध दिवस’ जैसे कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने परिषद के इस कार्यक्रम से प्रेरित होकर बताया कि शिक्षा अधिकारियों के मध्य भी यह विषय रखेंगे।

कार्यक्रम में संगठन परिचय देते हुए दिल्ली अध्यापक परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र गोयल ने दिल्ली अध्यापक परिषद की संरचना पर प्रकाश डाला और कहा कि दिल्ली अध्यापक परिषद राष्ट्र हित, छात्र हित व शिक्षक हित में कार्य करनेवाला संगठन है। उन्होंने परिषद द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि परिषद भारत की सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के माध्यम से भारत को विश्वगुरु बनाने हेतू प्रयासरत है।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं परिषद के संरक्षक जयभगवान गोयल ने सभी शिक्षकों से राष्ट्र हित में अपने कर्तव्यों को पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकार और कर्तव्य के परस्पर संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों का अधिकार शिक्षकों के कर्तव्य से जुड़ा है।शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं। अतः उन्हें अपने कर्तव्यों के पालन हेतू सदा सजग रहना चाहिए। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर बोलते हुए उनके समर्पण निष्ठा और त्याग से सीख लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष वेद प्रकाश ने बताया कि परिषद के कार्यकर्ता हमेशा अपने कर्तव्यों को ध्यान में रखकर काम करते हैं। महिला उपाध्यक्ष श्रीमती सरोज शर्मा ने सभी आगन्तुकों का धन्यवाद किया और अतिरिक्त महामंत्री अवधेश पाराशर ने सभी को संकल्प कराया और महेश भारद्वाज ने अंत में कल्याण मंत्र करवाया।

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