नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनता से किया अपना वादा निभाते हुए पद्म पुरस्कारों के लिए केंद्र सरकार को तीन डॉक्टरों के नाम की सिफारिश की है। यहां बता दें कि दिल्ली सरकार ने ऐलान किया था कि हम जनता के सुझाये नामों में से ही नाम भेजेंगे। केजरीवाल ने बताया कि डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के नेतृत्व वाली हमारी कमेटी ने पद्म पुरस्कारों के लिए तीन डॉक्टरों- आईएलबीएस से डॉ. एस के सरीन, एलएनजेपी से डॉ. सुरेश कुमार और मैक्स अस्पताल से डॉ. संदीप बुद्धिराजा के नामों को चयनित किया है।
दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्यकर्मियों के सम्मान में बड़ा फैसला लिया है। इस बार सरकार देश के सर्वोच्च पुरस्कार के लिए तीन डॉक्टरों के नाम केंद्र सरकार के पास भेजे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हमारे पास 9,427 लोगों के नामों के सुझाव मिले थे।
केजरीवाल ने बताया कि डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के नेतृत्व वाली हमारी कमेटी ने पद्म पुरस्कारों के लिए तीन डॉक्टरों- आईएलबीएस से डॉ. एसके सरीन, एलएनजेपी से डॉ. सुरेश कुमार और मैक्स अस्पताल से डॉ. संदीप बुद्धिराजा के नामों को चयनित किया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहले ही इस बात का एलान कर दिया था कि दिल्ली सरकार पद्म भूषण, पद्म विभूषण और पद्मश्री अवार्ड के लिए जिनके नाम केंद्र को भेजेगी, वह नाम दिल्ली की जनता बताएगी। दिल्ली का कोई भी नागरिक पद्मअवार्ड.दिल्ली एट जीमेल.कॉम पर पूरी जानकारी के साथ किसी भी डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी का नाम 15 अगस्त तक भेज सकता है। इसे लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में सर्च एंड स्क्रीनिंग कमेटी भी बनाई गई थी।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा था कि दिल्ली सरकार पूरे देश में अकेली सरकार है, जिसने कोरोना काल में लोगों की सेवा करते-करते शहीद हुए स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि दी है। अब यह समय सभी डॉक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान करने का है कि हम सब उनके कितने शुक्रगुजार हैं? मुख्यमंत्री ने डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि कोरोना काल में डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मियों और पैरामेडिकल ने लोगों की बहुत सेवा की है। अपनी जान को दांव पर लगाकर इन्होंने लोगों की जान बचाई है। मैं कई डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को जानता हूं जो कई-कई दिनों तक अपने घर नहीं गए। उन लोगों ने रात-दिन, 24 घंटे मेहनत करके हमलोगों की जान बचाई।
कई डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को मैं जानता हूं, जो लोगों की सेवा करते-करते उनको खुद कोरोना हो गया और वे दुनिया छोड़कर चले गए, शहीद हो गए। पूरा देश और सारी इंसानियत इनकी कर्जदार है। इनका जितना शुक्रिया अदा करें, उतना कम है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि हमारे पास इनका शुक्रिया अदा करने के लिए शब्द नहीं है।


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