दिल्ली में कोरोना जांच के आंकड़ों में हेरा फेरी की आशंका

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दिल्ली में कोरोना जांच के आंकड़ों में हेरा फेरी की आशंका

-टेस्ट रिपोर्ट में देरी से पड़ रहा आंकड़ों की गणना पर असर -दिल्ली में कम आंकड़े दिखाने के लिए तो नही की जा रही टेस्ट रिपोर्ट में देरी
NM News testing

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/-दिल्ली में एक दिन के लाॅकडाउन के बाद ही सरकार दावा करने लगी है कि दिल्ली में स्थिति में सुधार होने लगा है लेकिन अब यह आशंका जोर पकड़ने लगी है कि कहीं कोरोना आंकड़ों के साथ हेरा-फेरी तो नही की जा रही है। इस बात का सबसे बड़ा आधार टेस्ट रिपोर्ट के परिणामों में होने वाली देरी को माना जा रहा है। हालाांकि पिछले 24 घंटे में दिल्ली में नये मामले 28 हजार के पार आये हैं। तो कैसे सरकार यह दावा कर सकती है कि स्थिति सुधर रही है।
                       दिल्ली में कोरोना काफी तेजी से बढ़ रहा है जिसे देखते हुए सरकार ने दिल्ली में 6 दिन का लाॅकडाउन लगाया है। लेकिन कल तक जो सरकार लगातार दिल्ली में कोरोना के चलते कदतर स्थिति का हवाला दे रही थी वहीं सरकार एक दिन के बाद ही स्थिति सुधरने का दावा कर रही है। लोगों ने आशंका व्यक्त कि है कि सरकार का दावा सरासर गलत है। क्यांेकि यह स्थिति में सुधार नही बल्कि आंकड़ों की हेरा-फेरी है। दिल्ली में कोरोना टेस्टिंग के परिणामों में हो रही देरी पर सरकार चिंता जरूर जता रही है लेकिन यही सरकार की स्थिति में सुधार की भी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। हालांकि सीएम अरविंद केजरीवाल हमेशा लोगों से यह अपील करते नजर आते है कि हमने आप से कुछ नही छिपाया है और सारी जानकारी जनता के सामने रखी है। तो अब सीएम इस गंभीर विषय पर चुप क्यों है। उन्हे जनता के सामने इस बात को भी रखना चाहिए ओर स्थिति को स्पष्ट करना चाहिए। मामले अभी भी बढ़ रहे है लेकिन टेस्टिंग रिपोर्ट में देरी की वजह से जो मामूली सुधार दिख रहा है वह सिर्फ भ्रम है और सरकार को इस भ्रम को दूर करना चाहिए।
                      लोगों को आशंका है कि अपनी नाकामी छिपाने के लिये शायद आंकड़ों को छिपाने का काम कर रही है। जिस तरह से दिल्ली के अस्पतालों में आक्सीजन की कमी हुई है उसे देखकर भी यही लगता है कि सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए कोई इंतजाम नही किये। वहीं दिल्ली में दवाईयों की कमी भी दिल्ली सरकार की नाकामी की तरफ ही इशारा कर रही है। अब देखना यह है कि यह काम सरकार का है या फिर जनता के साथ कोई नया छल किये जाने की पृष्टभूमि तैयार की जा रही है।

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