पूणे के उजनी बांध में मिला चांद-सितारे वाला बेहद दुर्लभ प्रजाति का कछुआ

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पूणे के उजनी बांध में मिला चांद-सितारे वाला बेहद दुर्लभ प्रजाति का कछुआ

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/महाराष्ट्र/पूणे/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- महाराष्ट्र में पुणे जिले के इंदापुर के भिगवण के पास स्थित उजनी बांध में एक दंपती को एक बेहद दुर्लभ प्रजाति का चांद-सितारे वाला कछुआ मिला है। जिसे दंपति ने वन विभाग को सौंप दिया है। वन विभाग की माने तो यह विलुप्त प्रायः व बेहद दुर्लभ प्रजाति का कछुआ है लेकिन इसके साथ कुछ अंधविश्वास भी जुड़े है जिसकारण यह प्रजाति तेजी से नष्ट हो गई। वन विभाग ने बताया कि अब इस कछुए को संरक्षण में रखा जायेगा ताकि ये गलत हाथों में ना जा पाये।
बता दें कि उजनी बांध में एक दंपती मछली पकड़ने गए थे, तभी उनको एक बेहद खुबसूरत कछुआ नजर आया, जिसे देखकर उनके होश उड़ गए। दरअसल, उस कछुए पर चमकीले से सितारे बने हुए थे। ऐसे में उन लोगों को यह बेहद खास कछुआ लगा। जब उन लोगों ने वन विभाग को इसके बारे में बताया तो मालूम हुआ कि यह दुर्लभ प्रजाति का इंडिया स्टार कछुआ है, जो लुप्त होने की कगार पर है।
यह दुर्लभ प्रजाति का कछुआ महाराष्ट्र में पुणे जिले के इंदापुर में पाया गया। भिगवण के पास उजनी बांध में एक जोड़ा मछली पकड़ने के लिए गया था। तभी उनको यह कछुआ मिला। विश्वस्तर पर इस कछुए की प्रजाति बेहद दुर्लभ है। यह कछुआ इंदापुर में रहने वाले विनोद काले और उनकी पत्नी शिवानी काले को मिला है। इंडियन स्टार कछुआ आम कछुए की तुलना में इतना सुंदर होता है कि आप अपनी नजरें उससे नहीं हटा पाएंगे। इसकी बाहरी खाल पर चमकदार भाले के आकार के डॉट्स हैं, जो स्टार की तरह दिखते हैं।
इंडियन स्टार कछुए को पालना गैरकानूनी है, क्योंकि यह कछुआ संरक्षित प्रजाति के अंतर्गत आते हैं। साथ ही इसकी तस्करी करना भी गैर-कानूनी है। इन्हें इंटरनेशनल यूनियन फॉर कन्जर्वेशन के ऑफ नेचर (आईयूसीएन) की लुप्त होने वाली प्रजातियों के लाल सूची अतिसंवेदनशील के रुप में रखा है। इंडियन स्टाक कछुए की प्रजाति को खरीदना बेचना भी गैर-कानूनी है। भारत सरकार ने इसके व्यापार पर वन्य जीव ( संरक्षण) अधिनियम के तहत कोत लगा दी है। इसे भारत के अंदर या बाहर बेचना गैरकानूनी है। फिर भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसकी स्मगलिंग बड़े पैमाने पर होती है। यह दुर्लभ कछुआ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी प्रजाति है। यह प्रजाति मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रिका, पाकिस्तान, म्यांमार, श्रीलंका और भारत के आंध्र प्रदेश, तमलनाडु, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में पाई जाती है।

इंडियन स्टार कछुए को लेकर लोगों में काफी अंधविश्वास है, लोग इसका इस्तेमाल जादू-टोने, होम फेंगशुई और नशीली दवाओं के उत्पादन में भी करते हैं। इस कछुए को लेकर कुछ लोगों का यह भी मानना है कि यह लोगों के भाग्य बदल देता है। ये दुर्लभ कछुआ उजनी बांध में मिला है। इस जोड़े ने इस वन विभाग को सौंप दिया है, ताकि यह सुरक्षित रहे।

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