7 सितंबर को साल का आखिरी चंद्रग्रहण, जानें क्या करें और क्या नहीं

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7 सितंबर को साल का आखिरी चंद्रग्रहण, जानें क्या करें और क्या नहीं

-आध्यात्मिक और वैज्ञानिक में घटना का बेहद अधिक महत्व

धर्म/सिमरन मोरया/-  साल 2025 का पहला और आखिरी चंद्र ग्रहण 7 सितंबर, रविवार के दिन लगने जा रहा है जो भारत में पूर्ण रूप से दिखाई देगा। आध्यात्मिक और वैज्ञानिक में इस खगोलीय घटना का बेहद अधिक महत्व होता है। शास्त्रों की मानें तो राहु और केतु के प्रभाव के चलते ग्रहण लगता है। इस अवधि के दौरान कुछ कार्यों को करना शुभ तो कुछ कार्यों को करना अशुभ माना गया है। अगर गलती से चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ कार्यों को कर दिया जाए, तो इससे बेहद अशुभ फल प्राप्त हो सकता है। ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं कि चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए…

7 सितंबर की रात में लगेगा चंद्र ग्रहण
भाद्रपद पूर्णिमा को 7 और 8 सितंबर की मध्यरात्रि में चंद्र ग्रहण संपूर्ण रूप से भारत में दिखाई देगा। इसका समय 7 सितंबर रविवार को रात में 9 बजकर 57 मिनट से लेकर मध्य रात्रि 1 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। इसका अर्थ है कि पूरे 3 घंटे 29 मिनट के लिए चंद्र ग्रहण लगा रहने वाला है। भारत में पूर्ण रूप से दिखाई देने के चलते ग्रहण के दौरान कुछ विशेष नियमों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है।

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए
. मान्यता है कि चंद्र ग्रहण की पूरी अवधि के दौरान घर में गलती से भी भोजन नहीं बनाना चाहिए और न ही उसे खाना चाहिए। ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है।
. गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण के दौरान घर से बिल्कुल भी बाहर नहीं निकलना चाहिए।
. चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले उसका सूतक काल शुरू हो जाता है। इस अवधि में किसी भी प्रकार का शुभ कार्य और भगवान का पूजन करना वर्जित माना गया है।
. माना जाता है कि ग्रहण के दौरान किसी भी धार वाली वस्तु जैसे- सूई, कैंची, चाकू आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
. चंद्र ग्रहण के दौरान गलती से भी देवी-देवताओं की मूर्ति को स्पर्श न करें। ऐसा करना वर्जित माना गया है। साथ ही, मंदिर में भी प्रवेश नहीं करना चाहिए।
. ग्रहण काल के दौरान किसी भी सुनसान या श्मशान जैसे स्थानों पर नहीं जाना चाहिए। मान्यता है कि इस दौरान नकारात्मक शक्तियां ज्यादा हावी रहती हैं और इनकी शक्तियां बढ़ जाती हैं।
. चंद्र ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से दूर रहना चाहिए और कटु वाणी का प्रयोग करने से भी बचना चाहिए।

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या-क्या करना चाहिए
. ग्रहण काल के दौरान मंत्र जाप, स्तोत्र पाठ, ध्यान आदि करना बहुत कल्याणकारी माना गया है।
. इस अवधि में संयम रखकर मंत्रों का जाप करना कई गुना फलदायी माना गया है। ऐसे में ‘ओम नमो नारायणाय’ मंत्र का 8 हजार बार जप कर सकते हैं।
. चंद्र ग्रहण के दौरान तैयार रखे भोजन को त्याग करके उसे गाय या कुत्ते को डाल देना चाहिए। वहीं, दूध से निर्मित चीजों में तुलसी डालकर रखना चाहिए।
. शास्त्रों में ग्रहण के समय गायत्री मंत्र का जाप करना बहुत लाभदायक बताया गया है। ऐसा करने से जातक को जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है।
. ग्रहण काल से पहले दान करने की वस्तुएं जैसे- तिल, अनाज, वस्त्र, मौसमी फल आदि को एकत्रित करके रख लेना चाहिए और इन्हें दान करने का संकल्प लेना चाहिए। इसके बाद, ग्रहण के पश्चात यानी अगले दिन सूर्योदय के समय इन वस्तुओं को दान कर दें।
. चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद पहने हुए वस्त्र को उतारकर स्नान करके दूसरे साफ वस्त्र धारण करने चाहिए। साथ ही, सफेद चीजों का दान करना भी शुभ माना गया है।
. ग्रहण काल के दौरान शिवजी के महा मंत्रों का जाप करना बेहद प्रभावशाली माना गया है। आप महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।

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