18 वीं लोकसभा गठन के बाद संसद में ‘धन्यवाद प्रस्ताव’ की हुई चर्चा, आखिर क्या है धन्यवाद प्रस्ताव जानिए..

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September 7, 2026

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18 वीं लोकसभा गठन के बाद संसद में ‘धन्यवाद प्रस्ताव’ की हुई चर्चा, आखिर क्या है धन्यवाद प्रस्ताव जानिए..

-विपक्ष लगातार निट प्रश्न पत्र लीक और अग्निपथ योजना जैसे मुद्दों को उठा रहे हैं

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- 18वीं लोकसभा के गठन के बाद संसद का पहला सत्र चल रहा है। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। जिसमें विपक्ष लगातार नीट प्रश्नपत्र लीक और अग्निपथ योजना जैसे मुद्दों को जोरदार तरीके से उठा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये धन्यवाद प्रस्ताव होता क्या है।

दरअसल, धन्यवाद प्रस्ताव एक संसदीय प्रक्रिया होती है। जिसमें संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर आभार जताने या प्रशंसा व्यक्त करते के लिए औपचारिक रूप से एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाता है। दोनों सदनों में अभिभाषण पर इसी धन्यवाद प्रस्ताव के जरिए चर्चा की जाती है। राष्ट्रपति के इस  अभिभाषण में पिछले सालों के कार्यकाल के दौरान सरकार की सभी गतिविधियों और उपलब्धियों की समीक्षा शामिल होती है।

क्यों इसे पास किया जाता है?

धन्यवाद प्रस्ताव को वोटिंग के लिए रखा जाता है। ये प्रस्ताव सदन में पास होना चाहिए। अगर ये पास नहीं होता है तो सदन में सरकार की हार मानी जाती है। अगर ऐसा हो जाता है तो लोकसभा में सरकार अविश्वास में आ सकती है और उसको लोकसभा में विश्वास मत हासिल करने के लिए कहा जा सकता है।

सरकार की नीतियों का होता है विवरण

 ऐसे में कहा जा सकता है कि राष्ट्रपति का अभिभाषण वास्तव में सरकार की नीतियों का विवरण होता है और यही वजह है कि इसका प्रारूप सरकार के द्वारा तैयार किया जाता है। इस प्रस्ताव की प्रक्रिया में कोई भी सदस्य उन मामलों को नहीं रख सकता है जो सीधे तौर पर केंद्र सरकार के उत्तरदायित्व से संबंधित नहीं है। अपनी बहस के दौरान कोई भी सदस्य राष्ट्रपति के नाम का उल्लेख नहीं कर सकता।

प्रस्ताव पर चर्चा के बाद दिया जाता है उत्तर

आमतौर पर पीएम या उसकी उपस्थिति या किसी अन्य कारण से किसी अन्य किसी मंत्री के द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का उत्तर दिया जाता है। जिसके बाद चर्चा समाप्त हो जाती है। चर्चा के समाप्त होने के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर आए संशोधन निपटाए जाते हैं। संशोधन अभिभाषण में शामिल मामलों के साथ साथ उन मामलों को भी शामिल करते हैं जिसका सदस्यों की राय में अभिभाषण में उल्लेख नहीं है और उसका उल्लेख जरूरी है। अगर अभिभाषण में किसी भी संशोधन को सदन के सामने रखा गया है और अगर उसको स्वीकार कर लिया जाता है तो फिर धन्यवाद प्रस्ताव को संशोधित रूप में स्वीकार किया जाता है।

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