दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित ऐतिहासिक हुमायूं के मकबरे में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। परिसर के भीतर एक कमरे की दीवार का हिस्सा अचानक ढह जाने से 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी के अनुसार, घटना की सूचना शाम करीब 4:30 बजे मिली, जिसके बाद तुरंत पांच दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। राहत और बचाव कार्य तेज़ी से जारी है, और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है। 16वीं सदी में बना यह ऐतिहासिक मकबरा पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है।
ASI ने मरम्मत की अनुमति देने से किया इंकार
वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधि एडवोकेट मुजीब अहमद ने बताया कि जुमे की नमाज के लिए बड़ी संख्या में लोग हुमायूं मकबरे पहुंचे थे, जिनमें स्थानीय निवासी और बाहर से आए लोग शामिल थे। बारिश के कारण कई लोग परिसर के अंदर बने पुराने कमरों में चले गए। मुजीब ने बताया कि ये कमरे और उनकी छत काफी जर्जर हालत में थे और मरम्मत की आवश्यकता थी, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने बार-बार अनुरोध के बावजूद मरम्मत की अनुमति नहीं दी।
दरगाह कमेटी ने कई बार शिकायत की थी कि छत से पानी टपकता है और इसे तुरंत ठीक करने की जरूरत है, लेकिन अनुमति न मिलने के कारण छत में दरारें बढ़ती गईं। बारिश के चलते पहले छत और फिर दीवार ढह गई, जिसके मलबे में मौजूद 15-20 लोगों में से कई घायल हो गए। मौके पर बचाव दल लगातार मलबा हटाने का काम कर रहा है।


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