हादसे के बाद भी श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह, एक-दो दिन में शुरू हो सकती है अमरनाथ यात्रा

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August 25, 2026

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हादसे के बाद भी श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह, एक-दो दिन में शुरू हो सकती है अमरनाथ यात्रा

-हादसे में अब तक 16 की मौत, 35 घायल एयरलिफ्ट

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/जम्मू-कश्मीर/भावना शर्मा/- अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से अब तक 16 लोगों की मौत हो गई है। सेना ने शनिवार सुबह फिर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। 35 घायलों को एयरलिफ्ट किया गया है। 45 लोग अभी लापता हैं और माउंटेन रेस्क्यू टीम उनकी तलाश में जुटी है। सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात चला। इस दौरान कोई बॉडी रिकवर नहीं की गई।
             सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह ने कहा कि अभी हम यह देखने के लिए सभी एहतियाती कदम उठा रहे हैं कि क्या सभी गुमशुदा लोग मिलते हैं या नहीं। यात्रा एक या दो दिन में फिर से शुरू हो सकती है। जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने शुक्रवार रात को ही यात्रा स्थगित कर दी थी। पहलगाम और बालटाल में बने बेस कैम्प से आगे किसी यात्री को जाने की इजाजत नहीं है।

हादसे के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह
शुक्रवार को पवित्र गुफा के पास आए सैलाब के बावजूद अमरनाथ यात्रा के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की हिम्मत में कोई कमी नहीं आई है। शुक्रवार की देर रात को जम्मू बेस कैंप से तीर्थयात्रियों का एक जत्था कश्मीर के बालटाल और पहलगाम बेस कैंप के लिए रवाना हुआ।
               जम्मू से तीर्थ यात्रियों के 279 व्हीकल कॉन्वॉय में रवाना किए गए थे। हालांकि स्थानीय लोगों ने इसे प्रशासन का मिस मैनेजमेंट कहा है। उनका कहना है कि जम्मू के भगवतीपुर बेस कैंप में यात्रियों की तादाद ज्यादा हो गई थी, इसलिए यात्रा स्थगित होने के बावजूद तीर्थ यात्रियों को बालटाल और पहलगाम के लिए रवाना कर दिया गया।

पवित्र गुफा के एक-दो किमी के दायरे में फटा बादल
अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार शाम 5 बजकर 30 मिनट बादल फटा था। जिस समय बादल फटा, उस समय गुफा के पास 10 से 15 हजार श्रद्धालु मौजूद थे। इस घटना में मरने वालों में 3 महिलाएं भी शामिल हैं।प्ज्ठच् ने बताया कि 15 हजार लोगों को पवित्र गुफा के पास से सुरक्षित पंचतरणी ले जाया गया है।
              बादल फटने के कारण पहाड़ों से तेज बहाव के साथ आए पानी से श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए करीब 25 टेंट और दो से तीन लंगर बह गए। बारिश से पूरे इलाके में तेजी से पानी भर गया और कई लोग इसकी चपेट में आ गए। कई श्रद्धालु लापता हैं और उनके तेज बहाव में बहने की आशंका है। हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई, लोग घबराकर अपने टेंटों से बाहर निकल आए। पहाड़ों के बीच तेजी से पानी बहकर टेंटों के बीच से निकला और उसकी चपेट में आकर कई टेंट बह गए। घटना में मारे गए एक श्रद्धालु का शव निकालते हुए रेस्क्यू टीम के मेंबर्स, अब तक 16 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। हादसे के बाद श्रद्धालु बारिश के बावजूद टेंटों से निकल आए, सबके चेहरों पर दहशत साफ नजर आ रही थी।

सेना, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम लगातार रेस्क्यू में जुटी हुई है। बादल फटने के बाद गुफा के पास मौसम साफ हो गया। इस तस्वीर में बाईं तरफ श्रद्धालुओं के टेंट देखे जा सकते हैं। इस साल अमरनाथ यात्रा 30 जून से शुरू हुई है, कोरोना के चलते पिछले दो साल से यात्रा नहीं हो सकी थी।

अमरनाथ श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर पुलिस और एनडीआरएफ ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए
0194 2313149
0194 2496240
9596779039
9797796217
01936243233
01936243018

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