नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व आप विधायक संदीप कुमार की सीएम केजरीवाल को हटाने की याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए। संदीप कुमार ने दावा किया है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के मतदाता होने के नाते वह व्यक्तिगत रूप से व्यथित हैं कि उनके प्रदेश का मुख्यमंत्री पद संभालने में असमर्थ है।

न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि मामले में दो याचिका पहले ही कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की पीठ खारिज की जा चुकी है। ऐसे में अब इस याचिका का क्या औचित्य है और कोर्ट इसमें क्या कर सकता है। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए।
याचिका को 10 अप्रैल को सूचीबद्ध करने को कहा
इसके साथ ही अदालत ने याचिका को 10 अप्रैल को मुख्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने को कहा। संदीप कुमार ने दावा किया है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के मतदाता होने के नाते वह व्यक्तिगत रूप से इस बात से व्यथित हैं कि उनके केंद्र शासित प्रदेश का मुख्यमंत्री एक ऐसा व्यक्ति है जो पद संभालने में असमर्थ है।

संदीप कुमार ने यह भी कहा कि केजरीवाल न्यायिक हिरासत से कभी भी मुख्यमंत्री के रूप में कार्य नहीं कर सकते। याचिका के अनुसार उपराज्यपाल को सहायता और सलाह व्यावहारिक रूप से तब तक संभव नहीं है जब तक मुख्यमंत्री संविधान के तहत स्वतंत्र रूप से उपलब्ध न हों।
21 मार्च को किया गया था गिरफ्तार
बता दें, केजरीवाल को आबकारी घोटाला से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था और दस दिन के ईडी रिमांड के बाद राउज एवेन्यू की विशेष अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
वर्तमान में केजरीवाल तिहाड़ जेल में बंद हैं। मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग को लेकर अब तक दायर हुई दो याचिका हाई कोर्ट खारिज कर चुका है।


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