
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- हालांकि हरियाणा में जिला स्तर पर सभी सैनिक कल्याण बोर्डों का नाम बदलकर अर्द्ध सैनिक कल्याण बोर्ड कर दिया गया है लेकिन अभी भी पद कर्नल, कप्तान, क्लर्क, सुबेदार, हवलदार, ड्राइवर, चपड़ासी चौकीदार तक सभी सेवानिवृत्त सेना से संबंधित है। ऐसे में कॉनफैडरेसन के महासचिव रणबीर सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि उपरोक्त बोर्ड में पूर्व अर्धसैनिकों की कोई भागीदारी ही नहीं तो कल्याण कैसे सम्भव।

उन्होने कहा कि पिछले 5 सालों में अर्द्ध सैनिक कल्याण मंत्री श्री ओमप्रकाश यादव जी से मुलाकात कर गुहार लगाई गई लेकिन नतीजा जीरो रहा। पैरामिलिट्री महापंचायत द्वारा भारी बहुमत से फैसला लिया गया कि अगर केंद्रीय सरकार द्वारा पुरानी पैंशन बहाली, राज्यों में पैरा मिलिट्री वेलफेयर बोर्ड के गठन व हरियाणा सरकार द्वारा जिला स्तर पर बने सैनिक/अर्ध सैनिक कल्याण बोर्डों में 50 प्रतिशत पूर्व अर्धसैनिकों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं की गई तो देश के बीस लाख पैरामिलिट्री परिवार सत्तापक्ष को वोट देने पर फिर से विचार करेंगे और इसके लिए इस साल राज्यों में होने वाले चुनावों व 2024 के आम चुनावों के लिए नई रणनीति पर विचार करने के लिए 22 मई 2023 को ग्वालियर में आल इंडिया पैरामिलिट्री सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। कार्डिनेटर बलबीर सिंह द्वारा माननीय डीजी सीआरपीएफ द्वारा निचले स्तर पर कार्यरत फालोवर्स रैंक को हवलदार पदों पर पदोन्नति के लिए साधूवाद दिया।





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