हज़ारों मछलियों की मौत से बुराड़ी में हड़कंप, यमुना में ज़हर घोल रहा है प्रदूषण

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हज़ारों मछलियों की मौत से बुराड़ी में हड़कंप, यमुना में ज़हर घोल रहा है प्रदूषण

-यमुना में तैरती मरी मछलियां बनीं खतरे की घंटी

अनीशा चौहान/-   दिल्ली के बुराड़ी इलाके में यमुना नदी के किनारे हजारों मरी हुई मछलियां पानी की सतह पर तैरती दिखाई दीं। इस दृश्य ने स्थानीय लोगों को हिलाकर रख दिया है। अचानक इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत ने यह साफ कर दिया है कि यमुना का पानी अब जानलेवा हो चुका है। स्थानीय लोगों और किसानों का कहना है कि नदी में लगातार ज़हरीला पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे न सिर्फ जलीय जीवन समाप्त हो रहा है, बल्कि इंसानों के लिए भी बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

सोनीपत से आ रहा है केमिकल मिला पानी?
स्थानीय निवासियों और किसानों का आरोप है कि हरियाणा के सोनीपत की नहर से केमिकल युक्त पानी यमुना में छोड़ा जा रहा है। यह जहरीला पानी मछलियों की मौत का कारण बना है। किसानों का यह भी कहना है कि यह पहली बार नहीं है — इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है जब गंदा पानी छोड़े जाने से यमुना का पानी प्रदूषित हुआ है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (DPCC) की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 में यमुना में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) का स्तर 127 मिलीग्राम/लीटर दर्ज किया गया, जो तय मानक से 42 गुना अधिक है। यह आंकड़ा साफ बताता है कि नदी का पानी बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है।

स्थानीय लोगों की बिगड़ती हालत
बुराड़ी के प्रहलाद एनक्लेव के निवासी बदबू और दूषित पानी से परेशान हैं। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “1978 से पहले यही यमुना का पानी पीने लायक था, लेकिन अब तो हाथ धोने से भी खुजली होने लगती है।” क्षेत्रवासियों ने सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की है। मछलियों की मौत के साथ-साथ नदी के आसपास की जैव विविधता भी खत्म होने के कगार पर है।

राजनीतिक तकरार भी तेज
इस मुद्दे पर राजनीति भी गर्मा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवक्ता कुलदीप यादव ने हरियाणा की बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सोनीपत से आ रहे केमिकल वाले पानी को रोका जा सकता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता अनिल गुप्ता ने जांच का आश्वासन देते हुए लोगों से संयम बरतने की अपील की है।

प्रदूषण का असली स्रोत क्या है?
पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक यमुना में फैलते प्रदूषण का मुख्य कारण दिल्ली और हरियाणा से छोड़ा जा रहा सीवेज और औद्योगिक कचरा है। जब तक इन स्रोतों को नियंत्रित नहीं किया जाएगा, तब तक यमुना की सफाई केवल एक सपना ही बनी रहेगी।

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