नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- तेज़ रफ्तार जिंदगी, बढ़ता तनाव और अनियमित दिनचर्या आज लोगों की सेहत पर सीधा असर डाल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य केवल बीमारी न होने का नाम नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक संतुलन बनाए रखने का माध्यम है। बदलती जीवनशैली में खानपान, नींद, व्यायाम और मानसिक शांति को प्राथमिकता देना अब बेहद आवश्यक हो गया है।
खानपान और दिनचर्या निभा रही अहम भूमिका
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित आहार ही अच्छे स्वास्थ्य की नींव है। ताज़े फल, हरी सब्ज़ियां, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। जंक फूड, अत्यधिक तला-भुना और मीठा खाने से दूरी बनाना जरूरी है। साथ ही रोज़ाना समय पर भोजन और पर्याप्त नींद लेने से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी उतना ही ध्यान ज़रूरी
आज के दौर में मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि योग, ध्यान और नियमित व्यायाम मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। रोज़ाना कुछ समय स्वयं के लिए निकालना, सकारात्मक सोच और परिवार के साथ समय बिताना मानसिक सुकून के लिए बेहद फायदेमंद है।
नियमित व्यायाम से बढ़ती है ऊर्जा और रोगों से लड़ने की ताकत
डॉक्टरों का कहना है कि रोज़ाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि जैसे तेज़ चलना, योग या हल्की कसरत करने से दिल की बीमारियां, डायबिटीज और मोटापे जैसी समस्याओं से बचाव संभव है। फिट शरीर ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही सबसे बड़ा उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अपील की है कि लोग समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। सही समय पर इलाज और जागरूकता से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए हर व्यक्ति को अपनी सेहत की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी।


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