स्मोकी पान खाने से 12 साल की लड़की के पेट में हुआ छेद

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 4, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

स्मोकी पान खाने से 12 साल की लड़की के पेट में हुआ छेद

बेंगलुरु/नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- बेंगलुरु में एक शादी के रिसेप्शन में 12 साल की बच्ची की तबीयत इतनी बिगड़ गई की उसे सीधा अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। दरअसल बच्ची ने रिसेप्शन में स्मोकी पान का सेवन किया था। इसे खाने के कुछ ही देर बाद उसके पेट में अचानक दर्द उठा और हालत इतनी बिगड़ गई कि उसे सीधा आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। बच्ची की नारायणा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में सर्जरी भी हुई।

बेंगलुरू से एक बेहद ही अजीब मामला सामने आया है। यहां एक 12 साल की बच्ची को शादी के रिसेप्शन से डायरेक्ट अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। दरअसल, बच्ची ने रिसेप्शन में स्मोकी पान खाया था। इसके सेवन के कुछ देर बाद ही मासूम के पेट में जोर का दर्द उठा। धीरे-धीरे ये दर्द इतना बढ़ गया कि आनन-फानन में बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

परिजनों के उड़े होश, पेट में कैसे हुआ छेद
बच्ची का जब इलाज किया गया तो डॉक्टर काफी हैरान हो गए। दरअसल, स्मोकी पान खाने से बच्ची के पेट में छेद हो गया जिसके बाद उसकी सर्जरी की गई। नारायण मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल ने लड़की की पहचान गुप्त रखी है। अस्पताल के अनुसार, लड़की के पेट में छेद होने का पता चला था, जिसके कारण उसकी इमरजेंसी सर्जरी की गई।

पेट का काटना पड़ा हिस्सा
अस्पताल ने कहा कि पेट के निचले हिस्से पर लगभग 4×5 सेमी का छेद था, जिसे स्लीव रिसेक्शन (पेट का एक हिस्सा हटा दिया गया) के माध्यम से ठीक किया गया। सर्जरी के बाद उसे दो दिन आईसीयू में रहना पड़ा और छह दिन बाद उसे छुट्टी दे दी गई।

ऐसे की गई सर्जरी
बच्ची की इंट्रा-ऑफ-ओपीडी स्कोपी के साथ लैपरोटोमी की गई और गंभीर स्थिति से निपटने के लिए स्लीव गेस्ट्रोक्टॉमी जल्द से जल्द की गई। ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों की टीम का नेतृत्व करने वाले डॉ. विजय एच.एस. के हवाले से अस्पताल ने कहा कि ‘इंट्राऑप ओ.जी.डी. स्कोपी- एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें एक एंडोस्कोप का इस्तेमाल सर्जरी के दौरान ग्रासनली, पेट और छोटी आंत के पहले भाग – डुओडेनम – की जांच के लिए किया जाता है।’

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox