सोमनाथ से पीएम मोदी का सशक्त संदेश, आस्था-इतिहास और आत्मसम्मान पर दिया जोर

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में प्रधानमंत्री की मौजूदगी

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और इस ऐतिहासिक स्थल से देश की आस्था, इतिहास और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ा गहरा संदेश दिया। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर उन्होंने कहा कि मंदिर को नष्ट करने वाले आक्रांता आज इतिहास के पन्नों तक सीमित रह गए हैं, लेकिन दुर्भाग्य से वर्तमान समय में भी कुछ शक्तियां मंदिरों के पुनर्निर्माण का विरोध करती रही हैं।

श्रद्धालुओं को संबोधित कर बताया माहौल को दिव्य
देश-विदेश से जुड़े श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समय और वातावरण दोनों ही अलौकिक हैं। एक ओर भगवान शिव का धाम, दूसरी ओर सागर की लहरें, मंत्रोच्चार की गूंज और भक्तों की उपस्थिति इस अवसर को दिव्यता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में इस पर्व में सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है।

कट्टरता और तुष्टीकरण पर तीखा प्रहार
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो अपने धर्म में विश्वास रखते हैं, वे कभी कट्टर सोच का समर्थन नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों ने हमेशा ऐसी मानसिकता के सामने समझौता किया। उन्होंने आजादी के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के समय आई बाधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के संकल्प का भी विरोध किया गया था और 1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की यात्रा पर भी आपत्तियां उठी थीं।

नई साजिशों से सतर्क रहने की चेतावनी
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत के खिलाफ खतरे तलवारों के रूप में नहीं, बल्कि नए और छिपे हुए तरीकों से सामने आ रहे हैं। ऐसे में देश को सजग, सशक्त और एकजुट रहने की आवश्यकता है, ताकि किसी भी प्रकार की साजिश को विफल किया जा सके।

मंदिर में पूजा और शौर्य यात्रा में भागीदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग आधे घंटे तक सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने शिवलिंग पर जल, पुष्प अर्पित किए और पंचामृत से अभिषेक किया। इसके बाद पुजारियों और स्थानीय कलाकारों से भेंट की तथा पारंपरिक चेंदा वाद्य भी बजाया। इससे पूर्व करीब एक किलोमीटर लंबी शौर्य यात्रा में शामिल होकर उन्होंने डमरू बजाया और वीर हमीरजी गोहिल तथा सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमाओं को नमन किया।

आस्था और आत्मगौरव का प्रतीक पर्व
प्रधानमंत्री शनिवार शाम सोमनाथ पहुंचे थे। वर्ष 1026 में हुए पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और आत्मसम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox